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यूक्रेन की विक्टोरिया तो हिंदी बोलती है...
अमर उजाला, प्रवेश कुमारी, देहरादून
Updated Sun, 15 Sep 2013 12:06 AM IST
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विक्टोरिया पब्ल्यूचेन्को यूक्रेन की रहने वाली है, लेकिन हिंदुस्तान और हिंदी से उन्हें इतना लगाव है कि उन्होंने अपना नाम बदलकर वेणुरति देवीदासी तो रखा ही, हिंदी लिखना और बोलना भी सीखा।
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श्रीमद्भागवत कंठस्थ है। विक्टोरिया प्रेरक हैं उन तमाम लोगों के लिए, जो अपनी मातृभाषा से दूरी बनाए हैं। हिंदी बोलने, लिखने में जिन्हें शर्म आती है।
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यूक्रेन से यहां आईं
जियोलाजिस्ट के रूप में काम शुरू करने वाली वेणुरति करीब एक दशक पहले यूक्रेन से यहां आईं। कृष्ण के प्रेम में उन्होंने वृंदावन को निवास स्थान बनाया।
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दून से एक कार्यक्रम में पहुंचे श्रीकृष्ण भक्त पंडित केशव भारती से उनकी भेंट हुई, जो बाद में विवाह में बदल गई। वह केशव के साथ देहरादून चली आईं।
संस्कार उसके भीतर डाले
अब इनका एक पुत्र राधेश है। उन्होंने पुत्र को मम्मी या डैडी कहने के पिताजी और मां कहना सिखाया है।
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उनका कहना है कि जरूरत पड़ेगी तो पुत्र कभी भी अंग्रेजी बोलना सीख लेगा, लेकिन इस उम्र में अपनी मातृभाषा, संस्कृति और देश से प्रेम के जो संस्कार उसके भीतर डाले जाएंगे, वही हमेशा रहेंगे।