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दो गांवों के विवाद में उलझा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Thu, 14 May 2015 10:01 PM IST
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मातली गांव की पेयजल योजना स्रोत के विवाद में उलझकर रह गई है। वरुणा नदी से स्वीकृत योजना पर बड़ेथी गांव के विरोध के चलते काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
मातली के ग्रामीणों ने विरोध को नाजायज बताते हुए शीघ्र पेयजल योजना का निर्माण कराने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मातली गांव की पेयजल आपूर्ति अभी तक वर्ष 1975 में घुट्टू खाला से बनी पेयजल योजना से ही हो रही है। सालों में यहां आईटीबीपी मुख्यालय के साथ ही बड़ी संख्या में होटल आदि प्रतिष्ठान बनने के साथ ही आबादी बढ़ी है।
ऐसे में योजना ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। सालों तक मांग करने के बाद सरकार ने बीते साल मातली के लिए 1.75 करोड़ लागत से पेयजल योजना स्वीकृत की, लेकिन यह स्रोत के विवाद में उलझ गई है।
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बड़ेथी के ग्रामीण वरुणा नदी से योजना के लिए पानी ले जाने का विरोध कर रहे हैं। मातली गांव के कमल स्वरूप बहुगुणा, भरत बिष्ट, राम सिंह रावत, रामगोपाल नौटियाल, प्रेमलाल सोनी, सूर्यप्रकाश, जयवीर पंवार, इंद्र लाल आदि विरोध को अनावश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि पीने के पानी ग्रामीणों की मूलभूत जरूरत है। इस पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। प्रशासन को मामले में दखल देकर शीघ्र योजना का निर्माण कराना चाहिए। यदि मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो मातली के ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
मातली गांव के लिए वरुणा नदी से 1.75 करोड़ की लागत की पेयजल योजना बीते साल स्वीकृत हुई थी। इसके लिए अभी मिले 50 लाख के बजट से पाइप आदि खरीदे जा चुके हैं।
बड़ेथी के ग्रामीणों के विरोध के चलते फिलहाल काम रुका हुआ है। जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि ही इस विवाद का हल निकाल सकते हैं।
आरएस नेगी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान उत्तरकाशी।
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मातली के ग्रामीणों ने विरोध को नाजायज बताते हुए शीघ्र पेयजल योजना का निर्माण कराने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मातली गांव की पेयजल आपूर्ति अभी तक वर्ष 1975 में घुट्टू खाला से बनी पेयजल योजना से ही हो रही है। सालों में यहां आईटीबीपी मुख्यालय के साथ ही बड़ी संख्या में होटल आदि प्रतिष्ठान बनने के साथ ही आबादी बढ़ी है।
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ऐसे में योजना ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। सालों तक मांग करने के बाद सरकार ने बीते साल मातली के लिए 1.75 करोड़ लागत से पेयजल योजना स्वीकृत की, लेकिन यह स्रोत के विवाद में उलझ गई है।
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बड़ेथी के ग्रामीण वरुणा नदी से योजना के लिए पानी ले जाने का विरोध कर रहे हैं। मातली गांव के कमल स्वरूप बहुगुणा, भरत बिष्ट, राम सिंह रावत, रामगोपाल नौटियाल, प्रेमलाल सोनी, सूर्यप्रकाश, जयवीर पंवार, इंद्र लाल आदि विरोध को अनावश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि पीने के पानी ग्रामीणों की मूलभूत जरूरत है। इस पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। प्रशासन को मामले में दखल देकर शीघ्र योजना का निर्माण कराना चाहिए। यदि मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो मातली के ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
मातली गांव के लिए वरुणा नदी से 1.75 करोड़ की लागत की पेयजल योजना बीते साल स्वीकृत हुई थी। इसके लिए अभी मिले 50 लाख के बजट से पाइप आदि खरीदे जा चुके हैं।
बड़ेथी के ग्रामीणों के विरोध के चलते फिलहाल काम रुका हुआ है। जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि ही इस विवाद का हल निकाल सकते हैं।
आरएस नेगी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान उत्तरकाशी।