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Uttarkashi News: भेड़-बकरियों का टीकाकरण स्वयं ही कर रहे हैं ग्रामीण
Thu, 17 Jul 2025 04:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 17 Jul 2025 04:33 PM IST
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पशु पालन विभाग की लापरवाही पंचगाई पट्टी के पशु पालकों पर पड़ रही भारी
पुरोला। पशु पालन विभाग की लापरवाही सुदूरवर्ती दूरस्थ पंचगाई पट्टी के भेड़ और बकरी पालकों को भुगताना पड़ रहा है। पंचगांई पट्टी के लिवाड़ी, फिताड़ी, राला व कासला, धारा सहित 12 से अधिक गांवों के भेड़ पालक स्वयं ही अपनी भेड़ व बकरियों का टीकाकरण कर रहे हैं।
क्षेत्र के भेड़ पालक संघ के अध्यक्ष त्रेपन सिंह रावत ने बताया कि कुछ महीने पहले भी एक अज्ञात बीमारी के कारण क्षेत्र के पशुपालकों की कई भेड़-बकरियां मर गई थी। इस डर से कि कहीं ऐसी बीमारी दोबारा न फैल जाए। इसके लिए भेड़ पालकों ने पशु पालन विभाग से वैक्सीन लाकर खुद ही अपनी भेड़-बकरियों का टीकाकरण शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग पर आरोप लगाए कि टीकाकरण के लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया लेकिन कोई भी अधिकारी क्षेत्र में नहीं आया। इसी अनदेखी से निराश होकर अपने पशुधन के भविष्य को लेकर चिंतित उन्हें यह जिम्मेदारी खुद ही उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें भेड़ के लिए दो रुपये और बकरी के लिए पांच रुपये प्रति वैक्सीन की कीमत चुकानी पड़ रही है।
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सरकार की ओर से इन वैक्सीन को निःशुल्क वितरित करने का प्रावधान है। वहीं पशु चिकित्सक डाॅ. रजनीश कुमार स्वामी का कहना है कि दो माह पूर्व पशुपालन की टीम ने गांव-गांव कैंप कर के वैक्सीनेशन किया है। आजकल कोई वैक्सीन नहीं लगाई जाती है। बुग्यालों से लौटने पर सर्दियों में भेड़, बकरियों को वैक्सीन लगाई जाती है।
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पुरोला। पशु पालन विभाग की लापरवाही सुदूरवर्ती दूरस्थ पंचगाई पट्टी के भेड़ और बकरी पालकों को भुगताना पड़ रहा है। पंचगांई पट्टी के लिवाड़ी, फिताड़ी, राला व कासला, धारा सहित 12 से अधिक गांवों के भेड़ पालक स्वयं ही अपनी भेड़ व बकरियों का टीकाकरण कर रहे हैं।
क्षेत्र के भेड़ पालक संघ के अध्यक्ष त्रेपन सिंह रावत ने बताया कि कुछ महीने पहले भी एक अज्ञात बीमारी के कारण क्षेत्र के पशुपालकों की कई भेड़-बकरियां मर गई थी। इस डर से कि कहीं ऐसी बीमारी दोबारा न फैल जाए। इसके लिए भेड़ पालकों ने पशु पालन विभाग से वैक्सीन लाकर खुद ही अपनी भेड़-बकरियों का टीकाकरण शुरू कर दिया है।
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ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग पर आरोप लगाए कि टीकाकरण के लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया लेकिन कोई भी अधिकारी क्षेत्र में नहीं आया। इसी अनदेखी से निराश होकर अपने पशुधन के भविष्य को लेकर चिंतित उन्हें यह जिम्मेदारी खुद ही उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें भेड़ के लिए दो रुपये और बकरी के लिए पांच रुपये प्रति वैक्सीन की कीमत चुकानी पड़ रही है।
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सरकार की ओर से इन वैक्सीन को निःशुल्क वितरित करने का प्रावधान है। वहीं पशु चिकित्सक डाॅ. रजनीश कुमार स्वामी का कहना है कि दो माह पूर्व पशुपालन की टीम ने गांव-गांव कैंप कर के वैक्सीनेशन किया है। आजकल कोई वैक्सीन नहीं लगाई जाती है। बुग्यालों से लौटने पर सर्दियों में भेड़, बकरियों को वैक्सीन लगाई जाती है।