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अब नहीं होगा पुरोला में बसंत मेला
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व्यापार मंडल के विरोध के चलते एसडीएम पुरोला ने नगर में प्रस्तावित बसंत मेले की अनुमति को निरस्त कर दिया है। मेला आयोजक नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी ने प्रशासन के इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
गौरतलब है कि बीते तीन वर्षों से नगर पंचायत की ओर से मिनी स्टेडियम में बसंत मेला का आयोजन किया जाता है। मेले में लगने वाले झूले-चर्खी, मौत का कुआं आदि खेल तमाशे जहां स्थानीय लोगों के मनोरंजन का साधन बनते हैं, वहीं व्यापारिक स्टालों से लोग सस्ती दरों पर जरूरत के सामान की खरीदारी करते थे। नगर पंचायत ने इस बार भी मेले की तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते एसडीएम ने मेले की अनुमति निरस्त कर दी है। नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी का कहना है कि मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। यह मेला क्षेत्र की गरीब जनता के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लोग सस्ती दरों पर जरूरत का सामान खरीदते थे। उन्होंने मेले के विरोध और प्रशासन द्वारा इसे निरस्त किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। व्यापार मंडल अध्यक्ष जगमोहन नौडियाल का कहना है कि नगर पंचायत ने स्थानीय व्यापारियों की सहमति के बगैर मेला आयोजन का निर्णय लिया। इससे स्थानीय व्यापारियों में रोष है। वे इस मेले का विरोध कर रहे हैं। एसडीएम सोहन सिंह ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों के विरोध को देखते हुए मेले की अनुमति निरस्त की गई है। बगैर अनुमति के मेला आयोजन नहीं कराया जा सकता।
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गौरतलब है कि बीते तीन वर्षों से नगर पंचायत की ओर से मिनी स्टेडियम में बसंत मेला का आयोजन किया जाता है। मेले में लगने वाले झूले-चर्खी, मौत का कुआं आदि खेल तमाशे जहां स्थानीय लोगों के मनोरंजन का साधन बनते हैं, वहीं व्यापारिक स्टालों से लोग सस्ती दरों पर जरूरत के सामान की खरीदारी करते थे। नगर पंचायत ने इस बार भी मेले की तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते एसडीएम ने मेले की अनुमति निरस्त कर दी है। नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी का कहना है कि मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। यह मेला क्षेत्र की गरीब जनता के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लोग सस्ती दरों पर जरूरत का सामान खरीदते थे। उन्होंने मेले के विरोध और प्रशासन द्वारा इसे निरस्त किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। व्यापार मंडल अध्यक्ष जगमोहन नौडियाल का कहना है कि नगर पंचायत ने स्थानीय व्यापारियों की सहमति के बगैर मेला आयोजन का निर्णय लिया। इससे स्थानीय व्यापारियों में रोष है। वे इस मेले का विरोध कर रहे हैं। एसडीएम सोहन सिंह ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों के विरोध को देखते हुए मेले की अनुमति निरस्त की गई है। बगैर अनुमति के मेला आयोजन नहीं कराया जा सकता।
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