{"_id":"69fc802f31cbddddeb0efe61","slug":"the-wheat-crop-in-the-fields-is-shedding-due-to-rain-and-hailstorms-uttarkashi-news-c-54-1-uki1002-119744-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में झड़ रही गेहूं की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में झड़ रही गेहूं की फसल
Thu, 07 May 2026 05:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 07 May 2026 05:36 PM IST
विज्ञापन
खराब मौसम से किसान नहीं कर पा रहे फसल की कटाई
पुरोला। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर तैयार खड़ी है लेकिन खराब मौसम के चलते किसान फसल की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां झड़ने लगी है। इससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है।
किसान कैलाश उनियाल, रमेश असवाल, श्यालिक राम नौटियाल, हरदेव भंडारी, हकूमत सिंह, नवीन गैरोला, ओम प्रकाश गैरोला ने बताया कि इस वर्ष मौसम ने शुरू से ही उनका साथ नहीं दिया। शीतकाल में सामान्य से बहुत कम बारिश होने के कारण मटर की फसल पहले ही खराब हो गई थी।
इसके बाद सेब, आड़ू और पुलम जैसे बागवानी फसलों में फ्लोरिंग के समय हुई बारिश और ओलावृष्टि से भी भारी नुकसान हुआ। कहा कि अब गेहूं की फसल तैयार होने के बावजूद लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण कटाई कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। वहीं, खेतों में अधिक नमी और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिरने लगी है। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की संभावना हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने तथा किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरोला। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर तैयार खड़ी है लेकिन खराब मौसम के चलते किसान फसल की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां झड़ने लगी है। इससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है।
किसान कैलाश उनियाल, रमेश असवाल, श्यालिक राम नौटियाल, हरदेव भंडारी, हकूमत सिंह, नवीन गैरोला, ओम प्रकाश गैरोला ने बताया कि इस वर्ष मौसम ने शुरू से ही उनका साथ नहीं दिया। शीतकाल में सामान्य से बहुत कम बारिश होने के कारण मटर की फसल पहले ही खराब हो गई थी।
विज्ञापन
इसके बाद सेब, आड़ू और पुलम जैसे बागवानी फसलों में फ्लोरिंग के समय हुई बारिश और ओलावृष्टि से भी भारी नुकसान हुआ। कहा कि अब गेहूं की फसल तैयार होने के बावजूद लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण कटाई कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। वहीं, खेतों में अधिक नमी और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिरने लगी है। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की संभावना हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने तथा किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन