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Uttarkashi News: नगर पालिका को कार्यालय के लिए ही नहीं मिल पा रही भूमि
Tue, 20 Aug 2024 04:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 20 Aug 2024 04:17 PM IST
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यूजेवीएनएल के पांच कमरों में चल रहा है कामाकाज
चिन्यालीसौड़। नगर पालिका प्रशासन को एक दशक बाद अभी तक भी अपना भवन नहीं मिल पाया है। इससे पालिका यूजेवीएनएल के पांच कमरों में संचालित हो रही है। स्थिति इतनी दयनीय है कि पालिका को अपने ही नगर क्षेत्र में कहीं पर भवन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों से चिन्यालीसौड़ कस्बे में पलायन होने के कारण जनसंख्या बढ़ने के बाद वर्ष 2013 में चिन्याली ग्राम सभा को नगरपंचायत का दर्जा दिया गया था। उसके बाद मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने के लिए स्थानीय लोगों ने इसे उच्चीकृत करने की मांग की। शासन ने मांग के अनुरूप वर्ष 2016 में चिन्यालीसौड़ को नगरपालिका परिषद का दर्जा दिया।
नगर निकाय के अस्तित्व में आने के बाद प्रारंभिक तौर पर उत्तराखंड जल विद्युत निगम के भवन के पांच कमरों में पालिका के कार्यालय का शुभारंभ किया गया। उसके 11 वर्ष बीतने के बाद भी आज तक पालिका को अपना भवन नहीं मिल पाया है। इसलिए वहां पर प्रशासनिक कार्यों सहित अन्य कार्यों में अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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वहीं बैठकों के लिए पर्याप्त कक्ष नहीं है। हालांकि नगरपालिका भवन के लिए वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने भी एक करोड़ की घोषणा की थी, लेकिन इस पर जिला प्रशासन और शासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही कारण है कि नगरपालिका को उसी नगर में भवन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसका वह रखरखाव करती है। ईओ विरेंद्र पंवार का कहना है कि इस संबंध में लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है।
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चिन्यालीसौड़। नगर पालिका प्रशासन को एक दशक बाद अभी तक भी अपना भवन नहीं मिल पाया है। इससे पालिका यूजेवीएनएल के पांच कमरों में संचालित हो रही है। स्थिति इतनी दयनीय है कि पालिका को अपने ही नगर क्षेत्र में कहीं पर भवन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों से चिन्यालीसौड़ कस्बे में पलायन होने के कारण जनसंख्या बढ़ने के बाद वर्ष 2013 में चिन्याली ग्राम सभा को नगरपंचायत का दर्जा दिया गया था। उसके बाद मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने के लिए स्थानीय लोगों ने इसे उच्चीकृत करने की मांग की। शासन ने मांग के अनुरूप वर्ष 2016 में चिन्यालीसौड़ को नगरपालिका परिषद का दर्जा दिया।
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नगर निकाय के अस्तित्व में आने के बाद प्रारंभिक तौर पर उत्तराखंड जल विद्युत निगम के भवन के पांच कमरों में पालिका के कार्यालय का शुभारंभ किया गया। उसके 11 वर्ष बीतने के बाद भी आज तक पालिका को अपना भवन नहीं मिल पाया है। इसलिए वहां पर प्रशासनिक कार्यों सहित अन्य कार्यों में अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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वहीं बैठकों के लिए पर्याप्त कक्ष नहीं है। हालांकि नगरपालिका भवन के लिए वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने भी एक करोड़ की घोषणा की थी, लेकिन इस पर जिला प्रशासन और शासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही कारण है कि नगरपालिका को उसी नगर में भवन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसका वह रखरखाव करती है। ईओ विरेंद्र पंवार का कहना है कि इस संबंध में लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है।