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Uttarkashi News: पहली बारिश में ही बह गया मोरी-जखोल मार्ग का डामर

Sat, 02 May 2026 05:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Sat, 02 May 2026 05:50 PM IST
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The asphalt on the Mori-Jakhol road was washed away in the very first rainfall.
मोरी सांकरी जखोल मोटर मार्ग पर उखडा डामरीकरण। स्रोत जागरूक पाठक
घटिया निर्माण और अनियमितताओं पर भड़के ग्रामीण
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मोरी-सांकरी-जखोल मार्ग निर्माण पर मानकों को ठेंगा दिखा रही कार्यदायी संस्था
पुरोला। मोरी-सांकरी-जखोल मोटर मार्ग पर एफडीआर तकनीक से किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जखोल-सुनकुंडी क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। कुछ दिन पहले हुआ डामरीकरण पहली बारिश में ही उखड़ गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था डामरीकरण, नाली निर्माण और मरम्मत कार्य में गंभीर लापरवाही बरत रही है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय निगरानी समिति के उपाध्यक्ष किशन रावत ने बताया कि जखोल के समीप किलोमीटर 41 पर बनाई गई सड़क करीब बीस दिन के भीतर उखड़ने लगी है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि शुरुआती बारिश में ही यह स्थिति है तो बरसात के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से हो रहा निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण विजय रावत, प्रमोद दत्त, शिव नौटियाल, मुकेश रावत और भागचंद सहित अन्य लोगों ने भी डामरीकरण और नाली निर्माण की गुणवत्ता पर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि मोरी-सांकरी-जखोल सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है। यह मार्ग सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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घटिया निर्माण के आरोप

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डामरीकरण और नाली निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हो रहा है। पहली बारिश में ही सड़क का उखड़ना इसकी पुष्टि करता है। यह करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे निर्माण कार्य पर प्रश्नचिह्न लगाता है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही से सड़क की स्थिति खराब हो रही है।
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ग्रामीणों की मांग और चेतावनी

क्षेत्र के लोगों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था से सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
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