{"_id":"6a241e3effb5354ded0e8b75","slug":"ten-day-ultimatum-to-remove-encroachments-from-government-land-uttarkashi-news-c-49-1-sdrn1007-124192-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए दस दिन का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए दस दिन का अल्टीमेटम
Sat, 06 Jun 2026 06:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 06 Jun 2026 06:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। एसडीएम संदीप कुमार ने शनिवार को अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। जिलाधिकारी के निर्देशों पर विभिन्न विभागों को दस दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में राजस्व, सिंचाई, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, एनएच धुमाकोट, जल संस्थान और विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुए। एसडीएम ने सभी विभागों को अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। कहा कि यह कार्य दस दिन के भीतर पूरा करना होगा। अधिकारियों को पुलिस या प्रशासनिक सहायता की आवश्यकता होने पर सूचित करने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इस दौरान सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता महकार सिंह ने बताया कि पनियाली गदेरे में पूर्व में 166 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। सोमवार से एक बार फिर चिह्नीकरण कर धरातलीय स्थिति का पता लगाया जाएगा। एनएच खंड धुमाकोट ने कोटद्वार में कौड़िया से लेकर सिद्धबली मंदिर के सामने तक अस्थायी 34 अतिक्रमण गिनाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में राजस्व, सिंचाई, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, एनएच धुमाकोट, जल संस्थान और विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुए। एसडीएम ने सभी विभागों को अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। कहा कि यह कार्य दस दिन के भीतर पूरा करना होगा। अधिकारियों को पुलिस या प्रशासनिक सहायता की आवश्यकता होने पर सूचित करने को कहा गया है।
विज्ञापन
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इस दौरान सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता महकार सिंह ने बताया कि पनियाली गदेरे में पूर्व में 166 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। सोमवार से एक बार फिर चिह्नीकरण कर धरातलीय स्थिति का पता लगाया जाएगा। एनएच खंड धुमाकोट ने कोटद्वार में कौड़िया से लेकर सिद्धबली मंदिर के सामने तक अस्थायी 34 अतिक्रमण गिनाए। संवाद
विज्ञापन