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छात्रों ने कराया परिसर बंद
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डीएम कार्यालय में प्रदर्शन करते राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी के छात्र।
- फोटो : UTTER KASHI
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पीजी कॉलेज के छात्र नेताओं ने छात्र निधि में जमा धनराशि का आधा हिस्सा उच्च शिक्षा निदेशालय भेजे जाने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आक्रोशित छात्र नेताओं ने महाविद्यालय के दोनों परिसरों को बंद कराने के साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय में भी प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि महाविद्यालय प्रशासन निर्धारित समय में उक्त धनराशि को छात्र हित में खर्च नहीं कर पाया, जिससे धनराशि निदेशालय भेजी गई।
बृहस्पतिवार को छात्र नेताओं ने पीजी कॉलेज के मुख्य और पुरीखेत परिसर में कक्षाओं के संचालन को बंद कराया। ओम छात्र संगठन के संस्थापक अमेरिकन पुरी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने छात्र निधि से करीब 56 लाख की धनराशि निदेशालय को भेजी है। कॉलेज के खाते में छात्र निधि की करीब 1 करोड़ 67 लाख की धनराशि जमा थी, लेकिन कॉलेज की उदासीनता के चलते यह राशि विकास कार्यों व छात्र हितों में खर्च नहीं हो पाई। जबकि कॉलेज में आज भी छात्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। छात्र निधि का पैसा छात्रों की जेब से जाता है, जिस पर पूर्ण रूप से छात्रों का अधिकार है। यह धनराशि छात्रों के विकास पर ही खर्च होनी चाहिए। आक्रोशित छात्रों ने प्रशासनिक भवन के समक्ष जमकर नारेबाजी की। इसके बाद छात्र जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां विरोध प्रदर्शन करने के बाद छात्रों ने जिलाधिकारी मयूूर दीक्षित को ज्ञापन सौंपा। वहीं छात्रों ने प्राचार्य के स्थानांतरण की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पृथ्वी पाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आदित्य चौहान, जयवीर नेगी, सुधीष पंवार, पूर्व विवि प्रतिनिधि सोनू नेेगी, नितेश मिनान, सूरज रावत, गजराज, यशवर्धन, आदित्य, रजनेश व सतेंद्र आदि शामिल थे।
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पुलिस बुलाने पर जताई नाराजगी
कॉलेज परिसर में पुलिस बुलाए जाने पर छात्रों ने कड़ी नाराजगी जताई। छात्र नेताओं का कहना था कि वह छात्रों की समस्याओं के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कॉलेज प्रबंधन छात्र हित में निर्णय लेने के बजाय पुलिस बुलाकर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।
बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त
छात्र आंदोलन के नाम पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कॉलेज प्रबंधन ने सख्त नाराजगी जताई। प्राचार्य ने नियंता मंडल को निर्देशित किया कि परिसर के अंदर बाहरी व्यक्तियों की दखल न हो भविष्य में इसका ध्यान रखा जाए। कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि छात्र आंदोलन के परिसर में कई व्यक्ति घूम रहे हैं, जो छात्र नहीं हैं।
-छात्र निधि से जो धनराशि निदेशालय भेजे जाने की कार्रवाई शासन के निर्देशों के तहत की गई है। महाविद्यालय में सभी कार्य निर्देशों के तहत किए जा रहे हैं। -प्रो. सविता गैरोला, प्राचार्य, पीजी कॉलेज, उत्तरकाशी।
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बृहस्पतिवार को छात्र नेताओं ने पीजी कॉलेज के मुख्य और पुरीखेत परिसर में कक्षाओं के संचालन को बंद कराया। ओम छात्र संगठन के संस्थापक अमेरिकन पुरी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने छात्र निधि से करीब 56 लाख की धनराशि निदेशालय को भेजी है। कॉलेज के खाते में छात्र निधि की करीब 1 करोड़ 67 लाख की धनराशि जमा थी, लेकिन कॉलेज की उदासीनता के चलते यह राशि विकास कार्यों व छात्र हितों में खर्च नहीं हो पाई। जबकि कॉलेज में आज भी छात्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। छात्र निधि का पैसा छात्रों की जेब से जाता है, जिस पर पूर्ण रूप से छात्रों का अधिकार है। यह धनराशि छात्रों के विकास पर ही खर्च होनी चाहिए। आक्रोशित छात्रों ने प्रशासनिक भवन के समक्ष जमकर नारेबाजी की। इसके बाद छात्र जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां विरोध प्रदर्शन करने के बाद छात्रों ने जिलाधिकारी मयूूर दीक्षित को ज्ञापन सौंपा। वहीं छात्रों ने प्राचार्य के स्थानांतरण की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पृथ्वी पाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आदित्य चौहान, जयवीर नेगी, सुधीष पंवार, पूर्व विवि प्रतिनिधि सोनू नेेगी, नितेश मिनान, सूरज रावत, गजराज, यशवर्धन, आदित्य, रजनेश व सतेंद्र आदि शामिल थे।
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पुलिस बुलाने पर जताई नाराजगी
कॉलेज परिसर में पुलिस बुलाए जाने पर छात्रों ने कड़ी नाराजगी जताई। छात्र नेताओं का कहना था कि वह छात्रों की समस्याओं के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कॉलेज प्रबंधन छात्र हित में निर्णय लेने के बजाय पुलिस बुलाकर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।
बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त
छात्र आंदोलन के नाम पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कॉलेज प्रबंधन ने सख्त नाराजगी जताई। प्राचार्य ने नियंता मंडल को निर्देशित किया कि परिसर के अंदर बाहरी व्यक्तियों की दखल न हो भविष्य में इसका ध्यान रखा जाए। कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि छात्र आंदोलन के परिसर में कई व्यक्ति घूम रहे हैं, जो छात्र नहीं हैं।
-छात्र निधि से जो धनराशि निदेशालय भेजे जाने की कार्रवाई शासन के निर्देशों के तहत की गई है। महाविद्यालय में सभी कार्य निर्देशों के तहत किए जा रहे हैं। -प्रो. सविता गैरोला, प्राचार्य, पीजी कॉलेज, उत्तरकाशी।