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Uttarkashi News: अल्ट्रासाउंड के लिए एक से डेढ़ सप्ताह पहले करना होता है पंजीकरण
Thu, 22 Oct 2026 07:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 22 Oct 2026 07:40 PM IST
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पुरोला में एसीएमओ संभाल रहे हैं अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी
अल्ट्रासाउंड मशीनें तो लगा दी पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं है
उत्तरकाशी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद के जिला अस्पताल सहित उप जिला चिकित्सालय पुरोला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ व नौगांव में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो लगा दी लेकिन इसके सापेक्ष जनपद में मात्र एक ही पद सृजित है। पुरोला में एसीएमओ अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन उसके बावजूद लोगों को एक से डेढ़ सप्ताह पूर्व अपना पंजीकरण करवाना पड़ता है।
दो डॉक्टरों के भरोसे पूरे जनपद की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था चल रही है। महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल की बात करें तोे यहां पर पूरे जनपद सहित टिहरी के लंबगांव व प्रतापनगर क्षेत्र से मरीज व गर्भवती महिलाएं पहुंचती हैं। साथ ही चिन्यालीसौड़ में भी टिहरी के कांडीसौड़ से लोग पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में मानकों के अनुरूप अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते हैं।
कई बार मरीजों व गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत आ जाती है। साथ ही मरीजों व गर्भवती महिलाओं को करीब एक से डेढ़ सप्ताह पहले अपना पंजीकरण करवाना होता है। उसके बाद उनका नंबर आता है। स्थानीय निवासी शैलेंद्र मटूड़ा का कहना है कि सरकार की ओर से अल्ट्रासाउंड मशीनें तो पहुंचा दी गई लेकिन पद सृजित नहीं किए गए।
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ऐसी स्थिति में एक डॉक्टर को एक दिन में 40 से 50 अल्ट्रासाउंड करने होते हैं। भीड़ के कारण मानकों के अनुरूप टेस्ट न होने के कारण लोगों की रिपोर्ट गलत आ जाती है। इसलिए सरकार को पहले सभी स्थानों पर पद सृजित करने चाहिए। सीएमओ डॉ. श्याम विजय का कहना है कि हमारे जनपद में एक पद सृजित होने के बावजूद दो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सेवाएं दे रहे हैं। पद सृजन के लिए शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
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अल्ट्रासाउंड मशीनें तो लगा दी पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं है
उत्तरकाशी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद के जिला अस्पताल सहित उप जिला चिकित्सालय पुरोला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ व नौगांव में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो लगा दी लेकिन इसके सापेक्ष जनपद में मात्र एक ही पद सृजित है। पुरोला में एसीएमओ अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन उसके बावजूद लोगों को एक से डेढ़ सप्ताह पूर्व अपना पंजीकरण करवाना पड़ता है।
दो डॉक्टरों के भरोसे पूरे जनपद की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था चल रही है। महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल की बात करें तोे यहां पर पूरे जनपद सहित टिहरी के लंबगांव व प्रतापनगर क्षेत्र से मरीज व गर्भवती महिलाएं पहुंचती हैं। साथ ही चिन्यालीसौड़ में भी टिहरी के कांडीसौड़ से लोग पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में मानकों के अनुरूप अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते हैं।
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कई बार मरीजों व गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत आ जाती है। साथ ही मरीजों व गर्भवती महिलाओं को करीब एक से डेढ़ सप्ताह पहले अपना पंजीकरण करवाना होता है। उसके बाद उनका नंबर आता है। स्थानीय निवासी शैलेंद्र मटूड़ा का कहना है कि सरकार की ओर से अल्ट्रासाउंड मशीनें तो पहुंचा दी गई लेकिन पद सृजित नहीं किए गए।
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ऐसी स्थिति में एक डॉक्टर को एक दिन में 40 से 50 अल्ट्रासाउंड करने होते हैं। भीड़ के कारण मानकों के अनुरूप टेस्ट न होने के कारण लोगों की रिपोर्ट गलत आ जाती है। इसलिए सरकार को पहले सभी स्थानों पर पद सृजित करने चाहिए। सीएमओ डॉ. श्याम विजय का कहना है कि हमारे जनपद में एक पद सृजित होने के बावजूद दो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सेवाएं दे रहे हैं। पद सृजन के लिए शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।