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Uttarkashi News: लोकसंस्कृति के सुरों से गांवों में जनजागरूकता की अलख
Thu, 22 Oct 2026 07:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 22 Oct 2026 07:33 PM IST
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उत्तरकाशी। लोकगीत और पारंपरिक नाट्य शैली पहाड़ की सांस्कृतिक पहचान होने के साथ ही जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम हैं। इसी लोक पंरपरा को जीवंत रखते हुए भटवाड़ी क्षेत्र में कलाकारों ने लोकधुनों के जरिए ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों का संदेश पहुंचाया।
सूचना एवं लोक संपर्क निदेशालय, देहरादून के सौजन्य से 8 से 20 अक्टूबर तक चले इस अभियान में लोक गायक नवीन सिंह कठैत के नेतृत्व में ‘जी भाई जी’ उत्तरांचल विरासत लोक कला मंच ने विभिन्न गांवों में गीत-नाट्य प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने लोकगीतों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषयों को सरल अंदाज में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में लखपति दीदी योजना के तहत महिला समूहों को पांच लाख रुपये तक के ब्याजमुक्त ऋण, नकल विरोधी कानून, किसान ऋण और महालक्ष्मी योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। लोकभाषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इन विषयों को ग्रामीणों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में नवीन सिंह कठैत के साथ आशा अग्रवाल, राजेश आर्यन, अम्बिका कठैत, गोपाल सहित अन्य कलाकारों ने प्रतिभाग किया। संवाद
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सूचना एवं लोक संपर्क निदेशालय, देहरादून के सौजन्य से 8 से 20 अक्टूबर तक चले इस अभियान में लोक गायक नवीन सिंह कठैत के नेतृत्व में ‘जी भाई जी’ उत्तरांचल विरासत लोक कला मंच ने विभिन्न गांवों में गीत-नाट्य प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने लोकगीतों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषयों को सरल अंदाज में प्रस्तुत किया।
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कार्यक्रम में लखपति दीदी योजना के तहत महिला समूहों को पांच लाख रुपये तक के ब्याजमुक्त ऋण, नकल विरोधी कानून, किसान ऋण और महालक्ष्मी योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। लोकभाषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इन विषयों को ग्रामीणों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में नवीन सिंह कठैत के साथ आशा अग्रवाल, राजेश आर्यन, अम्बिका कठैत, गोपाल सहित अन्य कलाकारों ने प्रतिभाग किया। संवाद
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