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बारिश से राजमा की फसल पर लगा फफूंदी रोग
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:15 PM IST
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पहले सूखे की मार और अब अतिवृष्टि के चलते किसानों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। भटवाड़ी ब्लाक के गांवों में राजमा की फसल फफूंदी रोग की चपेट में हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने किसानों को आवश्यक दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी है।
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इस बार सर्दियों में अपेक्षित बारिश एवं बर्फबारी नहीं होने के कारण पहले सूखे की मार और अब अतिवृष्टि से कृषि बागवानी प्रभावित हो रही है। हाल ही में कृषि विभाग के कीट रोग सर्वेक्षण दल ने भटवाड़ी ब्लाक के बंद्राणी, पाला, भुक्की, बार्सू आदि गांवों का सर्वे किया, तो वहां राजमा की फसल फफूंदी रोग की चपेट में आ गई।
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बता दें कि क्षेत्र में ग्रामीणों की आजीविका प्रमुख रूप से आलू और राजमा की फसल पर टिकी है। मुख्य कृषि अधिकारी महिधर सिंह तोमर ने बताया कि बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से राजमा पर फफूंदी तथा जड़गलन रोग का खतरा रहता है।
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इसके लिए खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के साथ ही जरूरी दवाओं का छिड़काव भी जरूरी है। उन्होंने किसानों को फसल पर दस दिन के अंतराल पर कार्वेंडाइजिम अथवा बावस्टिन का छिड़काव करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यह दवाएं कृषि निवेश केंद्रों पर सब्सिडी पर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 31 जुलाई से पहले अपनी फसल का बीमा कराने को भी कहा।