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तबादला निरस्त नहीं होने पर मशाल जुलूस
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Tue, 31 May 2016 08:39 PM IST
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डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी के तबादले का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। उनका तबादला रुकवाने की मांग पर कलेक्ट्रेट में धरना चौथे दिन भी जारी रहा। बुधवार शाम को विभिन्न संगठनों ने नगर में मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया है। अभी जिले में नए डीएम के नहीं आने से लोगों में अद्दांकी का तबादला रुकने की उम्मीद बनी हुई है।
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महज डेढ़ माह में हटाए गए डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी का तबादला रुकवाने के लिए तमाम जनसंगठन सड़कों पर उतर आए हैं। बीते 8 मई को तबादला आदेश आने के बाद से आंदोलन हो रहे हैं। कई छात्र नेता 28 मई से ही कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को भी धरना जारी रहा।
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धरने पर बैठे छात्र संगठन ऊं ग्रुप के अमरीकन पुरी, छात्रसंघ अध्यक्ष दीपेंद्र कोहली, पेंशनर्स संगठन के तेजेंद्र बिष्ट, देवी प्रसाद नौटियाल, बुद्धि सिंह कुमाईं, वृषोदर चमोली, करमचंद रमोला, महिमानंद अवस्थी, रणवीर राणा, केशर सिंह पंवार ने कहा कि अद्दांकी का तबादला निरस्त नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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होटल एसोसिएशन के शैलेंद्र मटूड़ा, व्यापार मंडल के उपेंद्र सजवाण, भाजपा के चंदन सिंह राणा आदि ने बताया कि डीएम का तबादला निरस्त नहीं होने पर बुधवार शाम को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। बता दें कि जून 2013 की आपदा के दौरान आईएएस अधिकारी अद्दांकी ने राहत आयुक्त के तौर पर जिले में सेवाएं दीं।
इसके बाद वे वर्ष 2014 में यहां डीएम रहे और अब राष्ट्रपति शासन के दौरान उन्हें दोबारा उत्तरकाशी का डीएम बनाया गया था। इस दौरान कुशल प्रशासक एवं ईमानदार छवि के साथ ही भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने की उनकी कार्यशैली के चलते आम जनता में उन्हें खासा पसंद किया जा रहा है।