{"_id":"60a1497b8ebc3e7de405ddbd","slug":"police-came-as-an-angel-for-corona-infected-elderly-utter-kashi-news-drn3789296180","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना संक्रमित बुजुर्ग के लिए देवदूत बनकर आई पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना संक्रमित बुजुर्ग के लिए देवदूत बनकर आई पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्लाक के कोटा गांव निवासी कोरोना संक्रमित बुजुर्ग दौलत सिंह को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सूचना पर पुलिसकर्मियों ने बीमार के घर तत्काल आक्सीजन सिलेंडर पहुंचाया।
रविवार को 75 वर्षीय दौलत सिंह के पुत्र गजेंद्र ने पुलिस हेल्पलाइन पर फोन कर बताया कि उनके बीमार पिता का ऑक्सीजन लेबल 70 से भी कम है, उन्हें ऑक्सजीन व एंबुलेंस की जरूरत है। जिस पर थानाध्यक्ष पुरोला प्रदीप तोमर ने अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर चौकी प्रभारी डामटा के माध्यम से बीमार के घर तक पहुंचाया। जिससे बुजुर्ग की जान बच गई। क्षेत्र के पोरा में बीमार एक अन्य कोरोना संक्रमित सुरेंद्र सिंह को भी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया।
उधर, नौगांव में क्षेत्र के दीपक नौटियाल ने एसपी मणिकांत मिश्रा से जरूरतमंदों की मदद की मांग की है। वहीं, पुलिस ने विंगसी गांव में एक परिवार को राशन दी। चौकी प्रभारी एसआई अशोक कुमार ने सिपाही अनिल तोमर के साथ दस किमी दूर विंगसी गांव पहुंचकर लोगों की सहायता की।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को 75 वर्षीय दौलत सिंह के पुत्र गजेंद्र ने पुलिस हेल्पलाइन पर फोन कर बताया कि उनके बीमार पिता का ऑक्सीजन लेबल 70 से भी कम है, उन्हें ऑक्सजीन व एंबुलेंस की जरूरत है। जिस पर थानाध्यक्ष पुरोला प्रदीप तोमर ने अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर चौकी प्रभारी डामटा के माध्यम से बीमार के घर तक पहुंचाया। जिससे बुजुर्ग की जान बच गई। क्षेत्र के पोरा में बीमार एक अन्य कोरोना संक्रमित सुरेंद्र सिंह को भी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया।
विज्ञापन
उधर, नौगांव में क्षेत्र के दीपक नौटियाल ने एसपी मणिकांत मिश्रा से जरूरतमंदों की मदद की मांग की है। वहीं, पुलिस ने विंगसी गांव में एक परिवार को राशन दी। चौकी प्रभारी एसआई अशोक कुमार ने सिपाही अनिल तोमर के साथ दस किमी दूर विंगसी गांव पहुंचकर लोगों की सहायता की।
विज्ञापन