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डुंडा कस्बे में पेयजल किल्लत, प्राकृतिक स्रोतों से वाहनों में ढो रहे पानी
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डुंडा कस्बे में पेयजल संकट गहराने लगा है। स्थिति ये है कि यहां लोग प्राकृतिक स्रोतों से पीने का पानी वाहनों में ढोने को मजबूर हैं। वहीं जिला मुख्यालय से लगे मातली में पेयजल किल्लत के बाद जल संस्थान ने टैंकर से आपूर्ति शुरू कर दी है।
जिला मुख्यालय से लगे मातली में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हालांकि जल संस्थान ने टैंकरों से आपूर्ति कर कुछ राहत दी है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं होने से लोग परेशान हैं। वहीं डुंडा कस्बे में भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिसके बाद लोग अब पीने के पानी के लिए वाहनों से प्राकृतिक स्रोत पहुंचने लगे हैं।
रविवार को डुंडा कस्बे के लोग नाकुरी पहुंचकर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोते नजर आए। क्षेत्र के राजेश भट्ट, ओम प्रकाश भट्ट, शांति प्रसाद, रमेश भट्ट का कहना है कि दो सप्ताह से पेयजल किल्लत बनी हुई है। जल संस्थान की पेयजल लाइन पर पानी की आपूर्ति ठप है, लेकिन कई बार अवगत कराने के बाद भी विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बीएस डोगरा का कहना है कि वर्तमान समय में रोपाई का सीजन शुरू होने से लोग पेयजल स्रोतों का पानी खेतों में लगा रहे हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधिशासी अभियंता डोगरा ने कहा कि पेयजल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
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जिला मुख्यालय से लगे मातली में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हालांकि जल संस्थान ने टैंकरों से आपूर्ति कर कुछ राहत दी है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं होने से लोग परेशान हैं। वहीं डुंडा कस्बे में भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिसके बाद लोग अब पीने के पानी के लिए वाहनों से प्राकृतिक स्रोत पहुंचने लगे हैं।
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रविवार को डुंडा कस्बे के लोग नाकुरी पहुंचकर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोते नजर आए। क्षेत्र के राजेश भट्ट, ओम प्रकाश भट्ट, शांति प्रसाद, रमेश भट्ट का कहना है कि दो सप्ताह से पेयजल किल्लत बनी हुई है। जल संस्थान की पेयजल लाइन पर पानी की आपूर्ति ठप है, लेकिन कई बार अवगत कराने के बाद भी विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बीएस डोगरा का कहना है कि वर्तमान समय में रोपाई का सीजन शुरू होने से लोग पेयजल स्रोतों का पानी खेतों में लगा रहे हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधिशासी अभियंता डोगरा ने कहा कि पेयजल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।