ओएनजीसी द्वारा रवाईं घाटी एवं आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस एवं तेल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ओएनजीसी एवं हैदराबाद की अल्फा जिओ इंडिया लिमिटेड की टीम बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में भूगर्भीय पड़ताल करने में जुटी है। प्रथम चरण में यहां रिसीवर प्वाइंट ड्रिल किए जा रहे हैं। इसके बाद टेक्निकल टीम सर्वे करेगी।
बीते कुछ दिनों से ओएनजीसी एवं अल्फा जिओ इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी नौरी, कुमोला क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य में जुटी है। कंपनी के कर्मचारी इस क्षेत्र में जगह-जगह जमीन में ड्रिल कर भूगर्भीय स्थिति की पड़ताल में जुटी है। कंपनी के सुपरवाइजर शंकर चंद ने बताया कि उत्तराखंड की तलहटी वाले क्षेत्रों में 2डी अवसादीय चट्टानें मौजूद हैं, जिनमें एक्सप्लोरेशन के चलते यहां हाईड्रोकार्बन व प्राकृतिक गैस एवं तेल पाए जाने की संभावना है। इस क्षेत्र में क्रूड ऑयल की संभावना को देखते हुए प्रथम चरण का सर्वे किया जा रहा है, जिसके तहत हर साठ मीटर की दूरी पर शॉर्ट प्वाइंट व 20 मीटर दूरी पर 22 मीटर गहराई में रिसीवर प्वाइंट ड्रिल किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में सर्वे किया गया। अब रवाईं घाटी से ब्रह्मखाल होते हुए ऋषिकेश तक सर्वे चल रहा है। इस कार्य में सात टीमों में कुल 250 कर्मचारी लगे हुए हैं। दूसरे चरण में कंपनी की टेक्निकल टीम यहां सर्वे करेगी।