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Uttarkashi News: मौसम बदलते ही बढ़े वायरल के मरीज
Tue, 15 Sep 2026 06:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:43 PM IST
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डेढ़ माह में 200 हो चुके हैं अस्पताल में भर्ती, प्रतिदिन पहुंच रहे 10 से 15
नौगांव। मौसम में हो रहे बदलाव और बारिश के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में वायरल बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन दिनों प्रतिदिन करीब 10 से 15 मरीज बुखार और खांसी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच के बाद इनमें से अधिकांश मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले मरीजों को पांच से सात दिन तक अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ माह में टाइफाइड से पीड़ित लगभग 150 से 200 मरीज सीएचसी में भर्ती हुए। जिनका उपचार करने के बाद उन्हें स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया। कुछ मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।
चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और खानपान के कारण वायरल बुखार, टाइफाइड समेत अन्य जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि अब बारिश का दौर धीरे-धीरे कम होने के साथ बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या में भी कमी आने लगी है। सीएचसी नौगांव के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरदेव सिंह पंवार ने बताया कि बरसात के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से जगह-जगह का पानी पीने से बचने और पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पीने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय परामर्श के बिना कोई दवा न लें। साथ ही फ्रिज में रखा पानी पीने से भी फिलहाल परहेज करने की सलाह दी है।
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नौगांव। मौसम में हो रहे बदलाव और बारिश के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में वायरल बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन दिनों प्रतिदिन करीब 10 से 15 मरीज बुखार और खांसी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच के बाद इनमें से अधिकांश मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले मरीजों को पांच से सात दिन तक अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ माह में टाइफाइड से पीड़ित लगभग 150 से 200 मरीज सीएचसी में भर्ती हुए। जिनका उपचार करने के बाद उन्हें स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया। कुछ मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।
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चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और खानपान के कारण वायरल बुखार, टाइफाइड समेत अन्य जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि अब बारिश का दौर धीरे-धीरे कम होने के साथ बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या में भी कमी आने लगी है। सीएचसी नौगांव के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरदेव सिंह पंवार ने बताया कि बरसात के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से जगह-जगह का पानी पीने से बचने और पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पीने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय परामर्श के बिना कोई दवा न लें। साथ ही फ्रिज में रखा पानी पीने से भी फिलहाल परहेज करने की सलाह दी है।
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