{"_id":"57e4102d4f1c1b0222a83b5b","slug":"mini-smart-city-plans-to-build-a-floating","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिनी स्मार्ट शहर बनाने की योजना खटाई में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिनी स्मार्ट शहर बनाने की योजना खटाई में
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Thu, 22 Sep 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भूमि संयोजन के तहत नगर क्षेत्र को मिनी स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने की कवायद पर ग्रहण लगने लगा है। चिन्याली गांव के भू-स्वामियों ने स्मार्ट सिटी के लिए अपनी भूमि देने से इनकार कर दिया, जिससे सरकार की नगर क्षेत्र को स्मार्ट मिनी शहर बनाने की योजना खटाई में पड़ती दिख रही है।
विज्ञापन
पीएम मोदी के महानगरों को स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी प्रदेश के छह नगर पंचायतों को मिनी स्मार्ट शहर बनाने की योजना बनाई है। नगर क्षेत्र को स्मार्ट मिनी शहर बनाने के लिए शासन के नगर विकास सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने भी चिन्यालीसौड़ के वाशिंदों को मिनी शहर बनाने के लिए तहसीलदार के साथ ही बैठक कर लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी थी।
विज्ञापन
चिन्याली गांव के इंटर कालेजों, टिहरी बांध, मनेरी भाली द्वितीय, हवाई अड्डे सहित कई हजार नाली भूमि राजकीय कार्यों के विकास के लिए अपनी भूमि पहले ही दे चुके हैं, जिससे किसानों की 80 फीसदी जमीन सरकारी प्रायोजनों में अधिकृत हो चुकी है।
विज्ञापन
जिसका लाभ गांव के बेरोजगारों को नहीं मिलने से ग्रामीणों ने सरकार की नगर क्षेत्र को स्मार्ट मिनी शहर बनाने की योजना का विरोध करने के लिए किसान संघर्ष समिति का गठन किया। क्षेत्रीय विधायक एवं शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि स्मार्ट मिनी शहर बनाने की सरकार की योजना एक स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। यदि लोग अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं, तो जबर्दस्ती नहीं है। जहां लोग स्वेच्छा से भूमि देंगे वहीं पर स्मार्ट मिनी शहर विकसित किया जाएगा।