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दो करोड़ की पेयजल योजना, फिर नहीं लोग प्यासे
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी।
Updated Thu, 04 Feb 2016 08:53 PM IST
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संग्राली, पाटा और बग्यालगांव के लिए छह साल पहले स्वीकृत पेयजल योजना तैयार होने के बाद भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। योजना के गलत एलाइनमेंट के कारण अभी तक नलों में पानी नहीं पहुंच पाया है। योजना शीघ्र चालू नहीं हुई, तो गर्मियों में भी ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
पानी की किल्लत को देखते हुए वर्ष 2010 में पाटा, संग्राली और बग्याल गांव के लिए गजोली गाड से 2.37 करोड़ रुपये लागत से पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। शुरूआत में डेढ़ साल तक स्रोत पर विवाद के चलते योजना का निर्माण थमा रहा। बीते साल 1.90 करोड़ खर्च कर योजना का काम तो पूरा हो गया, लेकिन इन गांवों तक अभी पानी नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि स्रोत से उत्तरों गांव के पास तक तो योजना की पाइप लाइन में पानी पहुंच रहा है, लेकिन इसके आगे गलत एलाइनमेंट के कारण पानी गांवों तक नहीं पहुंच रहा। ऐसे में करोड़ों की पेयजल योजना निष्प्रयोज्य पड़ी है।
संग्राली गांव की प्रधान सुनीता भट्ट, पाटा की राजेंद्री देवी, बग्याल गांव के प्यारे लाल, नत्थी सिंह, राजपाल चौहान, रामकृष्ण भट्ट आदि ने बताया कि पेयजल योजना पर पानी नहीं चलने से ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मियों में पुरानी पेयजल योजना ठप होने पर ग्रामीण करीब छह किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर होते हैं। उन्होंने गर्मी शुरू होने से पहले पेयजल योजना चालू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने करोड़ों की पेयजल योजना में तकनीकी खामी आने पर संबंधित अधिकारियों के तकनीकी कौशल पर भी सवाल खड़े किए।
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कोट.........
संग्राली, पाटा एवं बग्याल गांव के लिए स्वीकृत पेयजल योजना तैयार हो चुकी है। 2.37 करोड़ की योजना पर अभी 1.90 करोड़ खर्च हुए हैं। कुछ तकनीकी खामी के चलते इस पर अभी पानी नहीं चल पा रहा है। अधीक्षण अभियंता की ओर से इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद निर्देश मिलने पर ही तकनीकी गड़बड़ी दूर कर योजना को चालू किया जाएगा।
एसपी गुप्ता, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम उत्तरकाशी।
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पानी की किल्लत को देखते हुए वर्ष 2010 में पाटा, संग्राली और बग्याल गांव के लिए गजोली गाड से 2.37 करोड़ रुपये लागत से पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी। शुरूआत में डेढ़ साल तक स्रोत पर विवाद के चलते योजना का निर्माण थमा रहा। बीते साल 1.90 करोड़ खर्च कर योजना का काम तो पूरा हो गया, लेकिन इन गांवों तक अभी पानी नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि स्रोत से उत्तरों गांव के पास तक तो योजना की पाइप लाइन में पानी पहुंच रहा है, लेकिन इसके आगे गलत एलाइनमेंट के कारण पानी गांवों तक नहीं पहुंच रहा। ऐसे में करोड़ों की पेयजल योजना निष्प्रयोज्य पड़ी है।
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संग्राली गांव की प्रधान सुनीता भट्ट, पाटा की राजेंद्री देवी, बग्याल गांव के प्यारे लाल, नत्थी सिंह, राजपाल चौहान, रामकृष्ण भट्ट आदि ने बताया कि पेयजल योजना पर पानी नहीं चलने से ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मियों में पुरानी पेयजल योजना ठप होने पर ग्रामीण करीब छह किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर होते हैं। उन्होंने गर्मी शुरू होने से पहले पेयजल योजना चालू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने करोड़ों की पेयजल योजना में तकनीकी खामी आने पर संबंधित अधिकारियों के तकनीकी कौशल पर भी सवाल खड़े किए।
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संग्राली, पाटा एवं बग्याल गांव के लिए स्वीकृत पेयजल योजना तैयार हो चुकी है। 2.37 करोड़ की योजना पर अभी 1.90 करोड़ खर्च हुए हैं। कुछ तकनीकी खामी के चलते इस पर अभी पानी नहीं चल पा रहा है। अधीक्षण अभियंता की ओर से इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद निर्देश मिलने पर ही तकनीकी गड़बड़ी दूर कर योजना को चालू किया जाएगा।
एसपी गुप्ता, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम उत्तरकाशी।