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बाजार का खाना खाने को छात्र मजबूर

Thu, 24 Dec 2015 06:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Thu, 24 Dec 2015 06:52 PM IST
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समाज कल्याण विभाग के डा. भीमराव अंबेडकर छात्रावास की कैंटीन आठ माह से बंद पड़ी है, जिससे छात्रों को होटल में भोजन करना पड़ रहा है।

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पीजी कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष ने शीघ्र छात्रावास की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय पर आकर रहने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों की सुविधा के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रावास बनाया गया है।

वर्तमान में यहां 46 छात्र निवास कर रहे हैं। छात्रावास की बदहाली ये है कि यहां बीते आठ माह से कैंटीन बंद पड़ी है। हॉस्टल के कमरों में बिजली की लाइन उखड़ी पड़ी होने से करंट लगने का खतरा बना हुआ है।
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यहां छात्रों को समाचार पत्र भी मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं। छात्रावास के एक हिस्से में सालों से कन्या जूनियर हाईस्कूल संचालित किया जा रहा है, जिससे छात्रों को पर्याप्त आवासीय सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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इन तमाम समस्याओं से बार-बार समाज कल्याण विभाग एवं प्रशासन को अवगत कराने पर भी कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में रोष है। पीजी कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष दिपेंद्र कोहली ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र छात्रावास की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। उन्होंने सात जनवरी तक मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल का कहना है कि पूर्व में निविदा के माध्यम से आवंटित कैंटीन छात्रों के विरोध के चलते बंद की गई। शीघ्र कैंटीन शुरू कराई जा रही है। छात्रावास की मरम्मत के लिए 34.19 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है।

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