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Uttarkashi News: गोर्थिकांडा गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार
Tue, 25 Nov 2025 06:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 25 Nov 2025 06:52 PM IST
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मोरी में ग्रामीणों के साथ गोष्ठी करते वन कर्मी। स्रोत वन विभाग
- फोटो : credit
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गुलदार को देखने के लिए भीड़ बढ़ी तो वन विभाग रेंज कार्यालय देवप्रयाग लाया, बाद में चिड़ियापुर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। नगर के समीप गोर्थिकांडा गांव में आतंक का पर्याय बना गुलदार मंगलवार तड़के पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार को देखने के लिए भीड़ बढ़ी तो वन विभाग पिंजरे को ढककर रेंज कार्यालय देवप्रयाग ले आया। यहां से गुलदार को रेस्क्यू केंद्र चिड़ियापुर भेज दिया गया है।
रेंजर मदन सिंह रावत ने बताया कि गुलदार गोर्थी कांडा गांव के आसपास लंबे समय से सक्रिय था। कई बकरियों को वह मार चुका था। वन विभाग की ओर से दो दिन पहले भटगांव व सजवाणकांडा इंटर कॉलेज के निकट दो पिंजरे लगाए गए थे। इनमें भटगांव में लगाए गए पिंजरे में रखी बकरी को खाने की कोशिश में गुलदार कैद हो गया। करीब छह साल का यह गुलदार भीड़ देखकर गुर्राने लगा। उसने देखने के लिए भीड़ लगने लगी। इसके बाद वन विभाग की टीम पिंजरे को ढककर रेंज कार्यालय लाई। तीन दिन पहले गुलदार ने एक बच्चे व महिला पर भी हमले की कोशिश की थी और ग्रामीणों ने रेंजर का घेराव किया था। ग्रामीणों के अनुसार यहां अभी और गुलदार भी हो सकते है।
सतपुली : उखलेत के जंगल में वृद्धा का क्षत विक्षत शव मिला
गुलदार के हमले में मौत की आंशका, राजस्व व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
सतपुली। नगर के निकटवर्ती गांव उखलेत के जंगल में एक वृद्धा का क्षत विक्षत शव मिला। शव करीब 8 से 10 दिन पुराना बताया जा रहा है। शव का धड़, सिर और हाथ अलग-अलग हैं। वृद्धा के गुलदार के हमले में मारे जाने की आशंका है। राजस्व और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचीं।
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सतपुली के थानाध्यक्ष जगमोहन रमोला ने बताया कि एकेश्वर ब्लॉक के उखलेत गांव के जंगल में मंगलवार सुबह घास काट रही महिलाओं को एक धड़ दिखाई दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची सतपुली पुलिस ने खोज की तो महिला का सिर और हाथ भी बरामद हो गया। महिला के पैर नहीं मिले हैं। छानबीन करने पर सतपुली निवासी व्यापारी राजेंद्र बौंठियाल ने महिला की शिनाख्त सतेश्वरी देवी (71) पत्नी सुरेंद्र प्रसाद बौंठियाल निवासी ग्राम बौंठा लैंसडौन के रूप में की। उन्होंने बताया कि महिला उनके पैतृक गांव की निवासी थी और दस दिन पूर्व सतपुली स्थित उनके निवास पर ठहरी थी। उन्होंने सर्दी से बचने के लिए उन्हें एक स्वेटर भी दी थी। इसी स्वेटर और अन्य कपड़ों से उन्होंने महिला की शिनाख्त की। उखलेत के ग्रामीणों ने महिला को 8-10 दिन पूर्व घटनास्थल के आसपास सड़क पर घूमते हुए भी देखा था। सूचना पर वन विभाग पोखड़ा रेंज की टीम भी मौके पर पहुंरी। राजस्व कर्मियों के पुलिस कार्यों से बहिष्कार के कारण सतपुली थाना पुलिस महिला का पोस्टमार्टम करेगी। मौके पर नायब तहसीलदार सतपुली महेंद्र सिंह बिष्ट, कानूनगो अशोक जोशी, राजस्व उपनिरीक्षक मनोज कुमार, बबीता नेगी, ज्योति कंडवाल भी मौके पर पहुंच गए थे।
वन विभाग कर रहा ग्रामीणों को जागरूक
उत्तरकाशी। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते हुए भालू के हमलों को देखते हुए वन विभाग की ओर से गश्त तेज कर दी गई है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही भालुओं को भागने के लिए ध्वनि भी की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी अपर यमुना वन प्रभाग रविंद्र पुंडीर और रेंज अधिकारी गंगोत्री यशवंत चौहान ने बताया कि हर्षिल, कुथनौर सहित यमुनोत्री के संवेदनशील क्षेत्रों में क्षेत्रीय कर्मचारियों की ओर से गश्त की जा रही है। उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल ने बताया स्थानीय लोगों से रात के समय घरों के बाहर लाइट की उचित व्यवस्था करने के लिए कहा जा रहा है। कहा कि महिलाएं चारा लाने के समूह में जाएं और स्कूली बच्चों को अकेले न भेजें। उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल ने कर्मचारियों के साथ बैठक की और कर्मचारियों को मानव वन्य जीव संघर्ष न्यूनीकरण के निर्देश दिए। वहीं गंवाणा वन अनुभाग में भी विभागीय कर्मचारियों की ओर से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। संवाद
गोविंद वन्यजीव विहार क्षेत्र में भी पार्क प्रशासन अलर्ट
पुरोला। गोविंद वन्यजीव विहार क्षेत्र में हाल ही में भालू के हमलों की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उप निदेशक, गोविंद वन्यजीव विहार ने रेंजर सुपिन को घटनास्थल के त्वरित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उपनिदेशक निधि सेमवाल ने बताया कि भालू मवेशियों का शिकार करने के उद्देश्य से खेतों की ओर आ रहे हैं। सेब के बागानों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही मानव पर भी हमला कर रहे हैं। कहा कि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर भेजी जा रही हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा रात के समय सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर सोलर लाइट लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। संवाद
ग्रामीण धरने पर डटे, विभाग करवा रहा मुनादी
पौड़ी। जिला मुख्यालय के पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पर ढांडरी में ग्रामीणों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। डोभाल ढांडरी में बुजुर्ग महिला पर हुए हमले के बाद से ग्रामीण गुलदार को मारने की मांग पर अड़े हैं। मंगलवार को डोभाल ढांडरी समेत आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी धरने में शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के आसपास आज भी कई गुलदार दिखाई दे रहे हैं। विनोद दनोसी ने कहा कि शासन को ग्रामीणों की चिंता करनी चाहिए। धरना देने वालों में ग्राम प्रधान डोभाल ढांडरी अर्चना रौथाण, प्रधान रेवड़ी पुष्पा देवी, क्षेत्र पंचायत डोभ श्रीकोट पूजा देवी, रमेश रावत, हिमांशु नेगी, प्रवीन असवाल, गौरव चंदोला, सरस्वती देवी, संगीता देवी, तेजपाल रावत आदि मौजूद रहे। वहीं डोभाल ढांडरी में गुलदार को वन विभाग ट्रेंकुलाइज करेगा। गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ लक्की शाह ने बताया कि गांव के आसपास पांच ट्रेपिंग कैमरे, दो पिंजरे और आठ सदस्यों की ट्रेंकुलाइज टीम तैनात कर दी गई है। साथ ही शहर क्षेत्र में गुलदार की चहलकदमी को देखते हुए मुनादी भी की जा रही है। संवाद
भालू ने गोशाला की छत तोड़कर मवेशी को मारा
देवाल। ब्लॉक के कई गांवों में भालू की धमक से लोग दहशत में हैं। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे लिंगड़ी ग्राम पंचायत के ऊणीबगण में भालू ने किसान पानीराम की गोशाला की छत उखाड़कर एक गाय को मार डाला जबकि एक बैल को घायल कर दिया। पास में रहे रहे लोगों ने शोर मचाने के बाद भी भालू एक घंटे बाद गोशाला से भागा। ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह बिष्ट ने वन विभाग से क्षेत्र में वन विभाग की टीम भेजकर भालू को भगाने व प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। वन विभाग के रेंज अधिकारी मनोज देवराड़ी ने बताया कि प्रधान की सूचना पर अनुभाग अधिकारी व वन बीट अधिकारी ऊणीबगण पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रभावित पानी राम को 37500 रुपये का मुआवजा देने की रिपोर्ट जिले को भेजी जा रही है। विभाग की टीम भी क्षेत्र में जल्द पहुंच जाएगी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। नगर के समीप गोर्थिकांडा गांव में आतंक का पर्याय बना गुलदार मंगलवार तड़के पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार को देखने के लिए भीड़ बढ़ी तो वन विभाग पिंजरे को ढककर रेंज कार्यालय देवप्रयाग ले आया। यहां से गुलदार को रेस्क्यू केंद्र चिड़ियापुर भेज दिया गया है।
रेंजर मदन सिंह रावत ने बताया कि गुलदार गोर्थी कांडा गांव के आसपास लंबे समय से सक्रिय था। कई बकरियों को वह मार चुका था। वन विभाग की ओर से दो दिन पहले भटगांव व सजवाणकांडा इंटर कॉलेज के निकट दो पिंजरे लगाए गए थे। इनमें भटगांव में लगाए गए पिंजरे में रखी बकरी को खाने की कोशिश में गुलदार कैद हो गया। करीब छह साल का यह गुलदार भीड़ देखकर गुर्राने लगा। उसने देखने के लिए भीड़ लगने लगी। इसके बाद वन विभाग की टीम पिंजरे को ढककर रेंज कार्यालय लाई। तीन दिन पहले गुलदार ने एक बच्चे व महिला पर भी हमले की कोशिश की थी और ग्रामीणों ने रेंजर का घेराव किया था। ग्रामीणों के अनुसार यहां अभी और गुलदार भी हो सकते है।
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सतपुली : उखलेत के जंगल में वृद्धा का क्षत विक्षत शव मिला
गुलदार के हमले में मौत की आंशका, राजस्व व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
सतपुली। नगर के निकटवर्ती गांव उखलेत के जंगल में एक वृद्धा का क्षत विक्षत शव मिला। शव करीब 8 से 10 दिन पुराना बताया जा रहा है। शव का धड़, सिर और हाथ अलग-अलग हैं। वृद्धा के गुलदार के हमले में मारे जाने की आशंका है। राजस्व और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचीं।
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सतपुली के थानाध्यक्ष जगमोहन रमोला ने बताया कि एकेश्वर ब्लॉक के उखलेत गांव के जंगल में मंगलवार सुबह घास काट रही महिलाओं को एक धड़ दिखाई दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची सतपुली पुलिस ने खोज की तो महिला का सिर और हाथ भी बरामद हो गया। महिला के पैर नहीं मिले हैं। छानबीन करने पर सतपुली निवासी व्यापारी राजेंद्र बौंठियाल ने महिला की शिनाख्त सतेश्वरी देवी (71) पत्नी सुरेंद्र प्रसाद बौंठियाल निवासी ग्राम बौंठा लैंसडौन के रूप में की। उन्होंने बताया कि महिला उनके पैतृक गांव की निवासी थी और दस दिन पूर्व सतपुली स्थित उनके निवास पर ठहरी थी। उन्होंने सर्दी से बचने के लिए उन्हें एक स्वेटर भी दी थी। इसी स्वेटर और अन्य कपड़ों से उन्होंने महिला की शिनाख्त की। उखलेत के ग्रामीणों ने महिला को 8-10 दिन पूर्व घटनास्थल के आसपास सड़क पर घूमते हुए भी देखा था। सूचना पर वन विभाग पोखड़ा रेंज की टीम भी मौके पर पहुंरी। राजस्व कर्मियों के पुलिस कार्यों से बहिष्कार के कारण सतपुली थाना पुलिस महिला का पोस्टमार्टम करेगी। मौके पर नायब तहसीलदार सतपुली महेंद्र सिंह बिष्ट, कानूनगो अशोक जोशी, राजस्व उपनिरीक्षक मनोज कुमार, बबीता नेगी, ज्योति कंडवाल भी मौके पर पहुंच गए थे।
वन विभाग कर रहा ग्रामीणों को जागरूक
उत्तरकाशी। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते हुए भालू के हमलों को देखते हुए वन विभाग की ओर से गश्त तेज कर दी गई है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही भालुओं को भागने के लिए ध्वनि भी की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी अपर यमुना वन प्रभाग रविंद्र पुंडीर और रेंज अधिकारी गंगोत्री यशवंत चौहान ने बताया कि हर्षिल, कुथनौर सहित यमुनोत्री के संवेदनशील क्षेत्रों में क्षेत्रीय कर्मचारियों की ओर से गश्त की जा रही है। उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल ने बताया स्थानीय लोगों से रात के समय घरों के बाहर लाइट की उचित व्यवस्था करने के लिए कहा जा रहा है। कहा कि महिलाएं चारा लाने के समूह में जाएं और स्कूली बच्चों को अकेले न भेजें। उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल ने कर्मचारियों के साथ बैठक की और कर्मचारियों को मानव वन्य जीव संघर्ष न्यूनीकरण के निर्देश दिए। वहीं गंवाणा वन अनुभाग में भी विभागीय कर्मचारियों की ओर से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। संवाद
गोविंद वन्यजीव विहार क्षेत्र में भी पार्क प्रशासन अलर्ट
पुरोला। गोविंद वन्यजीव विहार क्षेत्र में हाल ही में भालू के हमलों की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उप निदेशक, गोविंद वन्यजीव विहार ने रेंजर सुपिन को घटनास्थल के त्वरित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उपनिदेशक निधि सेमवाल ने बताया कि भालू मवेशियों का शिकार करने के उद्देश्य से खेतों की ओर आ रहे हैं। सेब के बागानों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही मानव पर भी हमला कर रहे हैं। कहा कि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर भेजी जा रही हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा रात के समय सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर सोलर लाइट लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। संवाद
ग्रामीण धरने पर डटे, विभाग करवा रहा मुनादी
पौड़ी। जिला मुख्यालय के पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पर ढांडरी में ग्रामीणों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। डोभाल ढांडरी में बुजुर्ग महिला पर हुए हमले के बाद से ग्रामीण गुलदार को मारने की मांग पर अड़े हैं। मंगलवार को डोभाल ढांडरी समेत आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी धरने में शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के आसपास आज भी कई गुलदार दिखाई दे रहे हैं। विनोद दनोसी ने कहा कि शासन को ग्रामीणों की चिंता करनी चाहिए। धरना देने वालों में ग्राम प्रधान डोभाल ढांडरी अर्चना रौथाण, प्रधान रेवड़ी पुष्पा देवी, क्षेत्र पंचायत डोभ श्रीकोट पूजा देवी, रमेश रावत, हिमांशु नेगी, प्रवीन असवाल, गौरव चंदोला, सरस्वती देवी, संगीता देवी, तेजपाल रावत आदि मौजूद रहे। वहीं डोभाल ढांडरी में गुलदार को वन विभाग ट्रेंकुलाइज करेगा। गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ लक्की शाह ने बताया कि गांव के आसपास पांच ट्रेपिंग कैमरे, दो पिंजरे और आठ सदस्यों की ट्रेंकुलाइज टीम तैनात कर दी गई है। साथ ही शहर क्षेत्र में गुलदार की चहलकदमी को देखते हुए मुनादी भी की जा रही है। संवाद
भालू ने गोशाला की छत तोड़कर मवेशी को मारा
देवाल। ब्लॉक के कई गांवों में भालू की धमक से लोग दहशत में हैं। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे लिंगड़ी ग्राम पंचायत के ऊणीबगण में भालू ने किसान पानीराम की गोशाला की छत उखाड़कर एक गाय को मार डाला जबकि एक बैल को घायल कर दिया। पास में रहे रहे लोगों ने शोर मचाने के बाद भी भालू एक घंटे बाद गोशाला से भागा। ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह बिष्ट ने वन विभाग से क्षेत्र में वन विभाग की टीम भेजकर भालू को भगाने व प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। वन विभाग के रेंज अधिकारी मनोज देवराड़ी ने बताया कि प्रधान की सूचना पर अनुभाग अधिकारी व वन बीट अधिकारी ऊणीबगण पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रभावित पानी राम को 37500 रुपये का मुआवजा देने की रिपोर्ट जिले को भेजी जा रही है। विभाग की टीम भी क्षेत्र में जल्द पहुंच जाएगी। संवाद