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मजदूरी के साथ युवा सीख रहे टैक्नीकल कार्य
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Thu, 17 Dec 2015 09:35 PM IST
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नेहरू पर्वतारोहण संस्थान बीते साल से बर्फबारी की परवाह न करके केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों में लगे कलाप गांव के मजदूरों को फुर्सत के क्षणों में इंटर लाकिंग टाइल निर्माण, जेसीबी चलाने, मरम्मत कार्य, वैल्डिंग, बिजली, फीटर के कार्य में हाथ आजमाने का मौका दिया जा रहा है। मजदूरों के अलावा गांव का नौजवान इंजीनियर यजुवेंद्र बर्फबारी के सीजन में अकेले ही निर्माण कार्यों का जिम्मा संभाले हुए है।
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सामान्य दिनों में 14 और बरसात में 25 किमी के चट्टानी रास्ते से ऊंची पहाड़ी में बसे कलाप गांव में कोई बेटी ब्याहने को तैयार नही होता है।
96 परिवार के इस गांव में एक ही बिरादरी में शादी करने की विवशता से जनसंख्या में ठहराव की स्थिति है। बीते साल नवंबर में निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने गांव की तस्वीर बदलने के लिए इसे गोद लेने का निर्णय लिया।
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28 लोगों को केदारनाथ में रहने, खाने आदि सभी जरूरी सुविधाओं के अलावा एक हजार रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर ले गए। कर्नल कोठियाल का कहना है कि कलाप गांव के नौजवानों को सेना तथा अन्य फोर्स में भर्ती के लिए निम यूथ फाउंडेशन के प्रशिक्षण कैंपों में भेजा जा रहा है।
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केदारनाथ में प्लेट फार्म देकर हम गांव के नौजवानों को कुशल श्रमिक के तौर पर इस तरह तैयार करेंगे कि वे यहां से जाने के बाद आसानी से रोजगार पा सके।