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जाड़ भोटिया समुदाय ने खेली आटे की होली
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Wed, 01 Mar 2017 10:24 PM IST
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उत्तरकाशी डुंडा बीरपुर गांव में लोसर पर्व के अंतिम दिन आटे की होली खेलते जाड़ समुदाय के लोग।
- फोटो : amar ujala.
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डुंडा बीरपुर गांव में आटे की होली और घरों पर नए झंडे लगाने के साथ जाड़ भोटिया समुदाय का लोसर पर्व संपन्न हुआ। बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के आगमन पर यह त्योहार मनाया जाता है।
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बुधवार सुबह से ही डुंडा बीरपुर गांव में हुल्यार सड़कों पर उतर आए। एक-दूसरे को आटा लगाकर उन्होंने अनूठी होली खेली। इस दौरान सिर्फ जाड़-भोटिया ही नहीं, बल्कि अन्य समुदाय के लोग भी होली के रंग में सराबोर नजर आए।
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इसी के साथ सुख समृद्धि की कामना के साथ घरों पर मंत्र लिखे नए झंडे चढ़ाए गए। लोसर पर्व के समापन पर घरों में मेहमानों की विशेष आवाभगत की गई। इस मौके पर रिंगाली देवी के मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। ढोल-दमाऊं की थाप पर लोगों ने रिंगाली देवी की डोली के साथ नृत्य कर समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
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जाड़ भोटिया समुदाय के शेर सिंह, मोहन सिंह, नारायण सिंह, राजेश, पदम खांपा, प्रेम सिंह, जगतराम, भीम सिंह आदि ने बताया कि हर वर्ष बौद्ध पंचांग के शुभारंभ पर लोसर पर्व आयोजन किया जाता है। चार दिनों तक चलने वाला यह त्योहार दीपावली, दशहरा एवं होली के रंगों को संजोए हुए हैं। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य कुलदीप बिष्ट, ओम प्रकाश भट्ट आदि मौजूद थे।