{"_id":"56eff45d4f1c1bcc7bf14d24","slug":"gualala-message-of-brotherhood-given-by","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलाल लगा कर दिया भाईचारे का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलाल लगा कर दिया भाईचारे का संदेश
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकरंग एवं समलौण रंगमंडल ने पालिका सभागार में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर रंग कर्मियों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया। पालिका सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डा. मीना नेगी ने गढ़वाली कविता घर पर बैठी रंदी नंडद जिठांणी जब जांदा डांडा बटी तब ल्यौंदा पाणी की प्रस्तुती से पहाड़ की नारी की व्यथा को समझाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
मनमोहन भट्ट ने होली के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आज बाजार में सस्ते व मिलावटी होली के रंगों से सावधानी बरतने की बात कही। कवि मोहम्मद आसिफ अंसारी ने होली के रंगों में रंगे कृष्णा-राधा के प्रसंगों गजलों व शायरी प्रस्तुत की।
विज्ञापन
लोक गायक ओम बधाणी ने मुख्डियों में बसंत जिकूड़ी मा उलार ऐगी एगी होली कू त्योहार के गीत पर लोग झूम उठे। इस मौके पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, ब्रहमानंद नौटियाल, गोपाल राणा, सुरेंद्र पुरी, विपिन पंवार, अरविंद पश्चिमी, नवीन नौटियाल, जयेंद्र डंगवाल, मंगल चौहान, मनीषा सेमवाल, गंगा तुलसी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन