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सीडीएस बिपिन रावत के नाम पर बनेगा थाती गांव में द्वार
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सीडीएस बिपिन रावत के नाम पर उनके ननिहाल थाती गांव में प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। ग्रामीणों ने बिपिन रावत की स्मृति में यहां उच्च शिक्षण संस्थान (मेडिकल/इंजीनियरिंग कालेज) बनाए जाने की मांग भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि सीडीएस रावत पहाड़ी क्षेत्रों में उच्च शिक्षण संस्थानों के पक्षधर थे, जिससे कि यहां के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े।
शुक्रवार को थाती गांव में शोक सभा आयोजित की गई। ग्रामीणों ने सीडीएस बिपिन रावत व उनकी पत्नी मधुलिका रावत के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। थाती गांव सीडीएस रावत का ननिहाल है। ग्रामीणों के पास आज भी उनकी बचपन की तस्वीरें हैं। इसके अलावा वर्ष 2004 व 2019 में भी जनरल रावत यहां आए थे। प्रधान तनुजा चौहान ने कहा कि थाती से जनरल रावत की यादें जुड़ी हैं। उनके नाम पर गांव का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। प्रधान तनुजा चौहान ने कहा कि जनरल रावत पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन पर काफी गंभीर थे। वह चाहते थे कि पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतरीन मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेज जैसे उच्च शिक्षण संस्थान बनें, जिससे यहां के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। प्रधान तनुजा ने कहा कि यहां जनरल रावत के नाम पर कोई उच्च शिक्षण संस्थान बनाया जा। इसके लिए ग्रामीण प्रशासन का हर संभव सहयोग करेंगे। शोकसभा में महेंद्र पाल सिंह परमार, पीतांबर सिंह परमार, प्रमोद परमार, दीपेंद्र परमार, भगवान सिंह बिष्ट, रघुवीर लाल, जितेंद्र परमार, पुुष्कर सिंह परमार, मुकेश चौहान, निर्मला देवी आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को थाती गांव में शोक सभा आयोजित की गई। ग्रामीणों ने सीडीएस बिपिन रावत व उनकी पत्नी मधुलिका रावत के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। थाती गांव सीडीएस रावत का ननिहाल है। ग्रामीणों के पास आज भी उनकी बचपन की तस्वीरें हैं। इसके अलावा वर्ष 2004 व 2019 में भी जनरल रावत यहां आए थे। प्रधान तनुजा चौहान ने कहा कि थाती से जनरल रावत की यादें जुड़ी हैं। उनके नाम पर गांव का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। प्रधान तनुजा चौहान ने कहा कि जनरल रावत पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन पर काफी गंभीर थे। वह चाहते थे कि पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतरीन मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेज जैसे उच्च शिक्षण संस्थान बनें, जिससे यहां के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। प्रधान तनुजा ने कहा कि यहां जनरल रावत के नाम पर कोई उच्च शिक्षण संस्थान बनाया जा। इसके लिए ग्रामीण प्रशासन का हर संभव सहयोग करेंगे। शोकसभा में महेंद्र पाल सिंह परमार, पीतांबर सिंह परमार, प्रमोद परमार, दीपेंद्र परमार, भगवान सिंह बिष्ट, रघुवीर लाल, जितेंद्र परमार, पुुष्कर सिंह परमार, मुकेश चौहान, निर्मला देवी आदि मौजूद थे।
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