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बारिश का पानी उबालकर पीने को लोग मजबूर
ब्यूरो/अमर उजाला उत्तरकाशी
Updated Mon, 18 Jul 2016 09:55 PM IST
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मानसून सीजन में हर ओर पानी के बावजूद कई बस्तियों में नल सूखे पड़े होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगोत्री धाम, हर्षिल क्षेत्र, बड़कोट नगर एवं चिन्यालीसौड़ में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। लोग बरसात का पानी उबाल कर पीने को मजबूर हैं।
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उपला टकनौर के हर्षिल, धराली, मुखबा आदि गांव और गंगोत्री धाम में बीते एक हफ्ते से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। स्थानीय लोग प्राकृतिक स्रोतों का बरसात में दूषित हुआ पानी पीने को मजबूर हैं। हर्षिल निवासी डा. नागेंद्र रावत, गंगोत्री निवासी सतेंद्र सेमवाल ने बताया कि शिकायत के बाद भी समस्या हल नहीं हो रही है।
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बड़कोट नगर की पेयजल योजना ठप होने से तीन दिन से आपूर्ति ठप पड़ी है। जल संस्थान के एई देवराज सिंह ने स्वीकारा कि दोबाटा के पास लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। जल्द लाइन दुरुस्त की जाएगी।
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इधर, चिन्यालीसौड़ नगर के लिए नगुण गाड एवं कल्याणी गदेरे से बनी पेयजल योजना बीते दिनों क्षतिग्रस्त हो गई। यहां पीपलमंडी बाजार, जखवाड़ी, सूलीठांग, चुप्ल्या श्यामपुर, हवाई पट्टी मुहल्ला, जोगत रोड, बिजल्वाण मुहल्ला, अस्पताल कालोनी, नागणी, धनपुर एवं बड़ेथी बस्ती में चार दिनों से पानी का संकट बना है।
क्षेत्र के रविंद्र पंवार, उत्तम राणा, खिमानंद बिजल्वाण, प्रमोद गुरुरानी, नरेश कुमार आदि ने बताया कि नलों में पानी नहीं आने पर उपभोक्ता हैंडपंप और प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जल संस्थान के अवर अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि बरसात में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है।