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अधिशासी निदेशक ने किया स्थलीय निरीक्षण

Tue, 27 Jul 2021 09:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 09:36 PM IST
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Executive Director did on-site inspection
चिन्यालीसौड़ बाजार के पास धंसी सुरक्षा दीवार का निरीक्षण करते टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक यूके स - फोटो : UTTER KASHI
टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक यूके सक्सेना ने चिन्यालीसौड़ बाजार के पास धंसी सुरक्षा दीवार का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सुरक्षा दीवार धंसने के लिए पानी की निकासी न होने को कारण बताया, जिस पर अधिशासी निदेशक सक्सेना ने पानी की निकासी के लिए दो कलवर्ट (नारदाना) बनाने के निर्देश दिए हैं।
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बीते रविवार रात को बारिश से टीएचडीसी द्वारा चिन्यालीसौड़ बाजार की सुरक्षा के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार का बीस मीटर हिस्सा धंस गया था, जिससे मकानों के साथ ही बाजार भी खतरे की जद में है। करीब पांच करोड़ की लागत से पांच वर्ष पूर्व ही सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया था।
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मंगलवार को टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के अधिशासी निदेशक यूके सक्सेना ने साइट प्रभारी दिनेश शुक्ला के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यापारियों व भवन स्वामियों ने बरसाती जल निकासी के ठोस प्रबंधन न होने की समस्या बताई। अधिशासी निदेशक ने साइट पर मौजूद कांट्रेक्टर व इंजीनियर को जिला सहकारी बैंक के समीप व जोगत रोड पानी की निकासी के लिए कलवर्ट बनाने के निर्देश दिए। इस मौके पर पूर्व पालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल, अनिल बिष्ट, दरमियान रावत, ब्रहमानंद, सुदंर सिंह रावत, दिग्पाल बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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सेटलमेंट हुआ है, यह प्राकृतिक प्रक्रिया है: अधिशासी निदेशक
टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक यूके सक्सेना ने बताया कि कोई खतरा नहीं है। एक-दो जगह सेटलमेंट हुआ है। जब गेबियन दीवार (पत्थर और स्टेनलेस स्टील जाल) लगाई जाती है, तो उसके लचीला होने से वह अपनी जगह लेती है। उसके बाद रिफिलिंग की जाती है। फिर सेटलमेंट होता है। यह एक नेचुरल प्रोसेस है। बताया कि करीब छह से सात मीटर दीवार ने एक से डेढ़ फुट जगह ली है। बताया जो गेप आया है, उसे भरा जाएगा। एक-दो साल में इसका मूवमेंट बंद हो जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम की कमी के चलते समस्या बढ़ी है। बरसात के बाद सितंबर से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए ह्यूम पाइप डाले जाएंगे।
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