{"_id":"69356b288e87a0907107b3b3","slug":"environmentalists-tied-protective-threads-around-cedar-trees-in-bhairo-valley-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-116487-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: पर्यावरणविदों ने भैरो घाटी में देवदार के पेड़ों पर बांधे रक्षासूत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: पर्यावरणविदों ने भैरो घाटी में देवदार के पेड़ों पर बांधे रक्षासूत्र
Sun, 07 Dec 2025 05:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 07 Dec 2025 05:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोले, ये वृक्ष हिमालय की धरोहर है, इनसे ही हिमालय का अस्तित्व है
उत्तरकाशी। हिमालय हैं तो हम है अध्ययन यात्रा, देवदार पूजन अभियान के तहत पर्यावरणविदों की एक टीम गंगोत्री धाम के समीप भैरो घाटी पहुंचे। वहां पर उन्होंने देवदार के पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधे। इसके साथ ही कहा कि यह वृक्ष हिमालय की धरोहर हैं। इसलिए अगर यह नष्ट हो जाएंगे तो इससे हिमालय के अस्तित्व को भी बड़ा खतरा हो सकता है।
हिमालय है तो हम हैं अध्ययन यात्रा के तहत पर्यावरणविदों ने भैरोघाटी में पहुंचकर वहां पर देवदार के पेड़ों की पूजा की। उसके बाद लंका सहित भैरो घाटी में सभी पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर उनके सरंक्षण का आह्वान किया। पर्यावरणविदों ने कहा कि विकास के नाम पर हम अपनी प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।
यही कारण है कि आज हम बड़ी आपदाओं से जूझ रहे हैं। देवदार, थुनेर के पेड़ हिमालय के प्रहरी हैं। विकास के नाम पर अगर इनकाे काटा जाएगा तो इससे हमारे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा। यह क्षेत्र दुर्लभ वन्य जीवों का घर भी है। इसलिए वन ही नहीं रहेंगे, तो हमारे पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आकर आपदाओं से बचा जाए। इस मौके पर सुरेश भाई, आयुष जोशी, गोपाल आर्य, पूरण रावत, हेमंत ध्यानी, कल्पना ठाकुर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। हिमालय हैं तो हम है अध्ययन यात्रा, देवदार पूजन अभियान के तहत पर्यावरणविदों की एक टीम गंगोत्री धाम के समीप भैरो घाटी पहुंचे। वहां पर उन्होंने देवदार के पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधे। इसके साथ ही कहा कि यह वृक्ष हिमालय की धरोहर हैं। इसलिए अगर यह नष्ट हो जाएंगे तो इससे हिमालय के अस्तित्व को भी बड़ा खतरा हो सकता है।
हिमालय है तो हम हैं अध्ययन यात्रा के तहत पर्यावरणविदों ने भैरोघाटी में पहुंचकर वहां पर देवदार के पेड़ों की पूजा की। उसके बाद लंका सहित भैरो घाटी में सभी पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर उनके सरंक्षण का आह्वान किया। पर्यावरणविदों ने कहा कि विकास के नाम पर हम अपनी प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।
विज्ञापन
यही कारण है कि आज हम बड़ी आपदाओं से जूझ रहे हैं। देवदार, थुनेर के पेड़ हिमालय के प्रहरी हैं। विकास के नाम पर अगर इनकाे काटा जाएगा तो इससे हमारे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा। यह क्षेत्र दुर्लभ वन्य जीवों का घर भी है। इसलिए वन ही नहीं रहेंगे, तो हमारे पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आकर आपदाओं से बचा जाए। इस मौके पर सुरेश भाई, आयुष जोशी, गोपाल आर्य, पूरण रावत, हेमंत ध्यानी, कल्पना ठाकुर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन