{"_id":"6831ca124f5f2806620ff878","slug":"demand-to-implement-solid-waste-management-policy-in-harshil-valley-uttarkashi-news-c-54-1-uki1002-112766-2025-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: हर्षिल घाटी में हो ठोस कचरा प्रबंधन नीति लागू करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: हर्षिल घाटी में हो ठोस कचरा प्रबंधन नीति लागू करने की मांग
Sat, 24 May 2025 07:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 24 May 2025 07:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी। झाला गांव में युवक मंगल दल की बैठक में हर्षिल घाटी में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा की गई। कहा कि घाटी में जिला पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले होटल, ढाबे और दुकानदारों की ओर से कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं होने से समस्या बढ़ती जा रही है। साथ ही स्थानीय पर्यावरण और पर्यटन दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने हर्षिल घाट में ठोस कचरा प्रबंधन नीति लागू करने की मांग की।
झाला गांव में युवक मंगल दल के अध्यक्ष अभिषेक रौतेला की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। हर्षिल घाटी सिर्फ एक पर्यटक स्थल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत है। कहा कि इससे पहले भी धन्यवाद प्रकृति अभियान के तहत युवाओं ने स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, प्लास्टिक मुक्त गांव अभियान और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए श्रमदान जैसे कई प्रयास किए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में सराहा है।
उन्होंने हर्षिल घाटी में ठोस कचरा प्रबंधन नीति तत्काल प्रभाव से लागू करने, खुले में कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने, सूखा कचरा की स्पष्ट नीति बनाने, शासन-प्रशासन द्वारा कूड़ा उठाने, उसका संग्रहण और निस्तारण करने की स्थायी व्यवस्था सहित अन्य मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
झाला गांव में युवक मंगल दल के अध्यक्ष अभिषेक रौतेला की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। हर्षिल घाटी सिर्फ एक पर्यटक स्थल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत है। कहा कि इससे पहले भी धन्यवाद प्रकृति अभियान के तहत युवाओं ने स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, प्लास्टिक मुक्त गांव अभियान और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए श्रमदान जैसे कई प्रयास किए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में सराहा है।
विज्ञापन
उन्होंने हर्षिल घाटी में ठोस कचरा प्रबंधन नीति तत्काल प्रभाव से लागू करने, खुले में कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने, सूखा कचरा की स्पष्ट नीति बनाने, शासन-प्रशासन द्वारा कूड़ा उठाने, उसका संग्रहण और निस्तारण करने की स्थायी व्यवस्था सहित अन्य मांग की।
विज्ञापन