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Uttarkashi News: वृक्ष क्षतिपूर्ति नीति और विशेष बीमा योजना लागू करने की मांग
Wed, 23 Sep 2026 05:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 23 Sep 2026 05:44 PM IST
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पुरोला। प्राकृतिक आपदाओं से सेब बागवानों को हो रहे नुकसान को देखते हुए विकासखंड मोरी के कनिष्ठ उप प्रमुख कमलेश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। उन्होंने नष्ट हुए सेब के पेड़ों का उचित मुआवजा देने और विशेष बीमा नीति लागू करने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी समेत उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हर वर्ष असमय बर्फबारी, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और भूस्खलन से सेब बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। प्राकृतिक आपदाओं में कई बार केवल फसल ही नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और आर्थिक निवेश से तैयार पूरे पेड़ नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में बागवानों को दोबारा बाग तैयार करने में लंबा समय और अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।
कमलेश रावत ने मांग की कि प्राकृतिक आपदा में नष्ट होने वाले सेब के पेड़ों के लिए वृक्ष क्षतिपूर्ति नीति बनाई जाए। इसके तहत प्रत्येक नष्ट पेड़ के आधार पर उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। संवाद
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पत्र में उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी समेत उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हर वर्ष असमय बर्फबारी, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और भूस्खलन से सेब बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। प्राकृतिक आपदाओं में कई बार केवल फसल ही नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और आर्थिक निवेश से तैयार पूरे पेड़ नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में बागवानों को दोबारा बाग तैयार करने में लंबा समय और अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।
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कमलेश रावत ने मांग की कि प्राकृतिक आपदा में नष्ट होने वाले सेब के पेड़ों के लिए वृक्ष क्षतिपूर्ति नीति बनाई जाए। इसके तहत प्रत्येक नष्ट पेड़ के आधार पर उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। संवाद
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