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रवाईं घाटी में जोर पकड़ने लगी है अलग जिला बनाने की मांग
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रवाईं घाटी को अलग जनपद बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बीते रोज खरसाली से पृथक जनपद संघर्ष समिति द्वारा शुरू की गई जन चेतना रैली का बड़कोट, नौगांव, पुरोला और मोरी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। सभी लोगों ने शीघ्र अलग जनपद का गठन करने की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जनपद की आधी आबादी वाली रवाईं घाटी को वर्षों से अलग जिला बनाने की मांग की जा रही है। अभी घाटी के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें काफी समय और पैसा खर्च होता है। साथ ही जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण क्षेत्र का विकास भी प्रभावित हो रहा है। वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार के सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने यमुनोत्री जनपद के साथ ही उत्तराखंड में कोटद्वार, रानीखेत एवं डीडीहाट जनपद के गठन की घोषणा की थी, लेकिन यह अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है।
पृथक जनपद की मांग को लेकर क्षेत्र में गठित संघर्ष समिति ने बीते रोज खरसाली स्थित यमुना मंदिर में पूजा अर्चना कर जन चेतना रैली शुरू की। बड़कोट, नौगांव, पुरोला एवं मोरी पहुंचने पर रैली का भव्य स्वागत किया गया। रैली में शामिल अब्बल चंद कुमाईं, विशालमणि रतूड़ी आदि ने लोगों को बताया कि यह रैली कोटद्वार, रानीखेत एवं डीडीहाट से होते हुए 18 नवंबर को देहरादून पहुंचेगी। जहां मुख्यमंत्री से मिलकर शीघ्र अलग जिलों का गठन करने की मांग की जाएगी। इस मौके पर रामानंद डबराल, भरत सिंह चौहान, गुलाब सिंह जयाड़ा, नरोत्तम दत रतूड़ी, फकीर लाल, महिपाल असवाल, शूरवीर राणा, सुरेंद्र पुजारी, मोहन दास, भगवान दास, राजेश आदि मौजूद रहे।
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जनपद की आधी आबादी वाली रवाईं घाटी को वर्षों से अलग जिला बनाने की मांग की जा रही है। अभी घाटी के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें काफी समय और पैसा खर्च होता है। साथ ही जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण क्षेत्र का विकास भी प्रभावित हो रहा है। वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार के सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने यमुनोत्री जनपद के साथ ही उत्तराखंड में कोटद्वार, रानीखेत एवं डीडीहाट जनपद के गठन की घोषणा की थी, लेकिन यह अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है।
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पृथक जनपद की मांग को लेकर क्षेत्र में गठित संघर्ष समिति ने बीते रोज खरसाली स्थित यमुना मंदिर में पूजा अर्चना कर जन चेतना रैली शुरू की। बड़कोट, नौगांव, पुरोला एवं मोरी पहुंचने पर रैली का भव्य स्वागत किया गया। रैली में शामिल अब्बल चंद कुमाईं, विशालमणि रतूड़ी आदि ने लोगों को बताया कि यह रैली कोटद्वार, रानीखेत एवं डीडीहाट से होते हुए 18 नवंबर को देहरादून पहुंचेगी। जहां मुख्यमंत्री से मिलकर शीघ्र अलग जिलों का गठन करने की मांग की जाएगी। इस मौके पर रामानंद डबराल, भरत सिंह चौहान, गुलाब सिंह जयाड़ा, नरोत्तम दत रतूड़ी, फकीर लाल, महिपाल असवाल, शूरवीर राणा, सुरेंद्र पुजारी, मोहन दास, भगवान दास, राजेश आदि मौजूद रहे।
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