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जनसंख्या के आधार पर विस सीटों का परिसीमन गलत
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उत्तराखंड क्रांति दल की बैठक में राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। उक्रांद नेताओं ने टिहरी बांध परियोजना को निजी हाथों में सौंपे जाने व विधानसभा सीटों का परिसीमन जनसंख्या के आधार पर किए जाने का विरोध किया।
मंगलवार को हुई उक्रांद की बैठक में पार्टी नेताओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को न्यायोचित बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगें नहीं मानीं, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाए गए देवस्थानम प्रबंधन विधेयक को तीर्थ पुरोहितों एवं स्थानीय लोगों के हक हकूकों के विरुद्ध बताते हुए इसे शीघ्र निरस्त करने की मांग की। बैठक में विधानसभा सीटों के परिसीमन पर चर्चा करते हुए उक्रांद नेताओं ने जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का विरोध करते हुए कहा कि इससे पहाड़ का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल एवं भौगोलिक आधार पर परिसीमन करने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड में अनुच्छेद 371 लागू कर यहां बाहरी लोगों द्वारा जमीन खरीद पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उक्रांद नेताओं ने टिहरी बांध परियोजना को निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार मामलों में सकारात्मक कार्रवाई नहीं करेगी, तो आंदोलन करेंगे। इस मौके पर विष्णुपाल रावत, संतोष सेमवाल, संजय सेमवाल, जगदीश नथवाण, बस्तीलाल, श्याम लाल, सुरेश चंद्र नाथ आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को हुई उक्रांद की बैठक में पार्टी नेताओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को न्यायोचित बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगें नहीं मानीं, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाए गए देवस्थानम प्रबंधन विधेयक को तीर्थ पुरोहितों एवं स्थानीय लोगों के हक हकूकों के विरुद्ध बताते हुए इसे शीघ्र निरस्त करने की मांग की। बैठक में विधानसभा सीटों के परिसीमन पर चर्चा करते हुए उक्रांद नेताओं ने जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का विरोध करते हुए कहा कि इससे पहाड़ का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल एवं भौगोलिक आधार पर परिसीमन करने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड में अनुच्छेद 371 लागू कर यहां बाहरी लोगों द्वारा जमीन खरीद पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उक्रांद नेताओं ने टिहरी बांध परियोजना को निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार मामलों में सकारात्मक कार्रवाई नहीं करेगी, तो आंदोलन करेंगे। इस मौके पर विष्णुपाल रावत, संतोष सेमवाल, संजय सेमवाल, जगदीश नथवाण, बस्तीलाल, श्याम लाल, सुरेश चंद्र नाथ आदि मौजूद रहे।
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