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Uttarkashi News: यमुनोत्री हाईवे पर मलबा, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
Sun, 26 Apr 2026 06:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 26 Apr 2026 06:46 PM IST
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यात्रा मार्ग पर निर्माण एजेंसियों की मनमानी, सुरक्षा इंतजामों पर उठते सवाल
बड़कोट। चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के दावे कर रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले हाईवे पर निर्माण कार्य एजेंसियों की लापरवाही सामने आई है।
हाईवे पर जगह-जगह निर्माण कार्य का मलबा और बड़े पत्थरों के ढेर लगे हैं। सड़क किनारे खड़ी भारी मशीनरी भी यातायात में बाधा बन रही है। इसके चलते मार्ग पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह अव्यवस्था कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सिलाई बैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड या स्पष्ट संकेतक नहीं हैं। हैरानी की बात है कि इसी मार्ग से जिम्मेदार अधिकारी गुजरते हैं। बावजूद इसके इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों की चिंता और मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार और क्षेत्र पंचायत सदस्य अमिता पंवार ने प्रशासन से मांग की है। उन्होंने हाईवे को पूरी तरह से मलबा मुक्त और गड्ढे मुक्त करने को कहा है। तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल और सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश चौहान ने भी सुरक्षा इंतजामों पर जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक साइनबोर्ड लगाने की बात कही है।
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प्रशासन का जवाब
एनएच के ईई मनोज रावत ने इस संबंध में अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि संबंधित निर्माण कार्य एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी को मार्ग पर आवागमन सुगम रखने के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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बड़कोट। चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के दावे कर रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले हाईवे पर निर्माण कार्य एजेंसियों की लापरवाही सामने आई है।
हाईवे पर जगह-जगह निर्माण कार्य का मलबा और बड़े पत्थरों के ढेर लगे हैं। सड़क किनारे खड़ी भारी मशीनरी भी यातायात में बाधा बन रही है। इसके चलते मार्ग पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह अव्यवस्था कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सिलाई बैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड या स्पष्ट संकेतक नहीं हैं। हैरानी की बात है कि इसी मार्ग से जिम्मेदार अधिकारी गुजरते हैं। बावजूद इसके इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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जनप्रतिनिधियों की चिंता और मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार और क्षेत्र पंचायत सदस्य अमिता पंवार ने प्रशासन से मांग की है। उन्होंने हाईवे को पूरी तरह से मलबा मुक्त और गड्ढे मुक्त करने को कहा है। तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल और सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश चौहान ने भी सुरक्षा इंतजामों पर जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक साइनबोर्ड लगाने की बात कही है।
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प्रशासन का जवाब
एनएच के ईई मनोज रावत ने इस संबंध में अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि संबंधित निर्माण कार्य एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी को मार्ग पर आवागमन सुगम रखने के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।