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Uttarkashi News: रौतू की बेली समेत कई गांवों में फसलें बरबाद
Tue, 05 May 2026 07:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 05 May 2026 07:09 PM IST
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काश्तकारों ने क्षतिग्रस्त फसलों की मुआवजा देने की लगाई गुहार
थत्यूड़(टिहरी)। जौनपुर के धनोल्टी तहसील क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से रौतू की बेली, अलमस, फेडी, किमोड़ा, गोरण, स्यालसी, फिडोगी, थान, कुंड, किट सहित कई अन्य गांव के काश्तकारों की बागवानी और नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने क्षतिग्रस्त फसलों के उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।
अचानक मौसम के करवट बदलने के साथ तेज ओलावृष्टि काश्तकारों के लिए परेशानी बन गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश बिष्ट, ग्राम प्रधान पूजा पंवार, सरदार सिंह रावत ने बताया कि गत तीन-चार दिनों से अचानक मौसम खराब होने के बाद तेज ओलावृष्टि और बारिश हो रही है। ओलावृष्टि के कारण सेब, संतरा, खुमानी, पुलम, आड़ू, नाशपति, माल्टा आदि पेड़ों पर लगे फल टूट गए हैं। साथ ही आलू, मटर, बींस, टमाटर, धनिया आदि की नगदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है जिससे क्षेत्र के काश्तकार परेशान हैं।
ओलावृष्टि से बागवानी और नगदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में कई काश्तकार ऐसे भी है, जिनकी आजीविका बागवानी और नगदी फसलों पर निर्भर है। इस बाबत क्षेत्रीय कृषि अधिकारी सुनील डोगरा ने बताया ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों के आंकलन के लिए कृषि विभाग और उद्यान विभाग टीम की टीम गठित की गई है। टीम को नुकसान का आंकलन करने के लिए गांव-गांव भेजा गया है। टीम की ओर से तैयार रिपोर्ट को जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा दे दिया जाएगा।
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थत्यूड़(टिहरी)। जौनपुर के धनोल्टी तहसील क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से रौतू की बेली, अलमस, फेडी, किमोड़ा, गोरण, स्यालसी, फिडोगी, थान, कुंड, किट सहित कई अन्य गांव के काश्तकारों की बागवानी और नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने क्षतिग्रस्त फसलों के उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।
अचानक मौसम के करवट बदलने के साथ तेज ओलावृष्टि काश्तकारों के लिए परेशानी बन गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश बिष्ट, ग्राम प्रधान पूजा पंवार, सरदार सिंह रावत ने बताया कि गत तीन-चार दिनों से अचानक मौसम खराब होने के बाद तेज ओलावृष्टि और बारिश हो रही है। ओलावृष्टि के कारण सेब, संतरा, खुमानी, पुलम, आड़ू, नाशपति, माल्टा आदि पेड़ों पर लगे फल टूट गए हैं। साथ ही आलू, मटर, बींस, टमाटर, धनिया आदि की नगदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है जिससे क्षेत्र के काश्तकार परेशान हैं।
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ओलावृष्टि से बागवानी और नगदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में कई काश्तकार ऐसे भी है, जिनकी आजीविका बागवानी और नगदी फसलों पर निर्भर है। इस बाबत क्षेत्रीय कृषि अधिकारी सुनील डोगरा ने बताया ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों के आंकलन के लिए कृषि विभाग और उद्यान विभाग टीम की टीम गठित की गई है। टीम को नुकसान का आंकलन करने के लिए गांव-गांव भेजा गया है। टीम की ओर से तैयार रिपोर्ट को जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा दे दिया जाएगा।
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