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Uttarkashi News: गंभीर घायल महिला को 24 घंटे बाद मिला इलाज
Tue, 04 Aug 2026 05:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 04 Aug 2026 05:41 PM IST
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भूस्खलन से सड़क बंद होने से हुई दिक्कत, प्रशासन ने हेली से भेजा
पुरोला। मोरी विकासखंड के सुदूरवर्ती गंगाड़ क्षेत्र में सड़क बाधित होने की कीमत एक घायल महिला को चुकानी पड़ी। स्थिति यह रही कि गंभीर घायल महिला करीब 24 घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंच सकी। हालांकि बाद में प्रशासन ने महिला को हेली से हायर सेंटर भेजा।
गंगाड़ निवासी सूरी देवी (39) पत्नी मेंबर सिंह रविवार शाम गांव के समीप भूमूलगाड क्षेत्र में किसी कार्य से गई थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गहरी ढलान में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया लेकिन क्षेत्र के मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण बंद होने से उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो सका।
सड़क पूरी तरह बाधित होने के कारण घायल महिला को समय पर बेहतर चिकित्सा नहीं मिल पाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार शाम को हेली से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीण रमेश चौहान, प्रदीप चौहान और राजेंद्र चौहान ने कहा कि हर वर्ष बरसात में गंगाड़ समेत कई गांवों की सड़कें बार-बार बंद हो जाती है।
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इसका सबसे बड़ा खामियाजा आपातकालीन स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ता है। उनका कहना है कि सड़क समय पर खुला रहता तो घायल महिला को घंटों तक उपचार के इंतजार में नहीं रहना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात में संवेदनशील मोटर मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोला जाए।
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पुरोला। मोरी विकासखंड के सुदूरवर्ती गंगाड़ क्षेत्र में सड़क बाधित होने की कीमत एक घायल महिला को चुकानी पड़ी। स्थिति यह रही कि गंभीर घायल महिला करीब 24 घंटे तक अस्पताल नहीं पहुंच सकी। हालांकि बाद में प्रशासन ने महिला को हेली से हायर सेंटर भेजा।
गंगाड़ निवासी सूरी देवी (39) पत्नी मेंबर सिंह रविवार शाम गांव के समीप भूमूलगाड क्षेत्र में किसी कार्य से गई थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गहरी ढलान में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया लेकिन क्षेत्र के मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण बंद होने से उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो सका।
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सड़क पूरी तरह बाधित होने के कारण घायल महिला को समय पर बेहतर चिकित्सा नहीं मिल पाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार शाम को हेली से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीण रमेश चौहान, प्रदीप चौहान और राजेंद्र चौहान ने कहा कि हर वर्ष बरसात में गंगाड़ समेत कई गांवों की सड़कें बार-बार बंद हो जाती है।
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इसका सबसे बड़ा खामियाजा आपातकालीन स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ता है। उनका कहना है कि सड़क समय पर खुला रहता तो घायल महिला को घंटों तक उपचार के इंतजार में नहीं रहना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात में संवेदनशील मोटर मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोला जाए।