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पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:07 PM IST
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उत्तरकाशी। गला दबाकर पत्नी की हत्या करने के एक साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीपी गैरोला ने महिला के पति को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हत्या के बाद से ही जेल में बंद अभियुक्त को सजा सुनाने के बाद नई टिहरी जेल भेज दिया गया।
चिन्यालीसौड़ ब्लाक के खालसी गांव निवासी धन सिंह की पुत्री सरोजनी की शादी गढ़वालगाड़ निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद पति के उत्पीड़न से तंग आकर सरोजनी अपने मायके चली गई थी। करीब एक साल बाद सुरेंद्र उत्पीड़न नहीं करने का माफीनामा देकर उसे वापस अपने गांव ले आया। कुछ दिनों बाद ही 22 दिसंबर 2017 को उसने पत्नी सरोजनी की गला दबा कर हत्या कर दी। मृतका के चाचा कलम सिंह ने इस मामले में राजस्व उपनिरीक्षक चौकी जोगत में आरोपी सुरेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता गंभीर सिंह चौहान ने न्यायालय के समक्ष नौ गवाह तथा हत्या से जुड़े ठोस साक्ष्य परीक्षित कराए। मामले में सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर शुक्रवार केे जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्यारोपी पति सुरेंद्र सिंह को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हत्या के बाद से ही जेल में बंद सुरेंद्र को सजा सुनाते समय न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उसे गिरफ्तार कर नई टिहरी जेल भेज दिया गया।
चिन्यालीसौड़ ब्लाक के खालसी गांव निवासी धन सिंह की पुत्री सरोजनी की शादी गढ़वालगाड़ निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद पति के उत्पीड़न से तंग आकर सरोजनी अपने मायके चली गई थी। करीब एक साल बाद सुरेंद्र उत्पीड़न नहीं करने का माफीनामा देकर उसे वापस अपने गांव ले आया। कुछ दिनों बाद ही 22 दिसंबर 2017 को उसने पत्नी सरोजनी की गला दबा कर हत्या कर दी। मृतका के चाचा कलम सिंह ने इस मामले में राजस्व उपनिरीक्षक चौकी जोगत में आरोपी सुरेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता गंभीर सिंह चौहान ने न्यायालय के समक्ष नौ गवाह तथा हत्या से जुड़े ठोस साक्ष्य परीक्षित कराए। मामले में सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर शुक्रवार केे जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्यारोपी पति सुरेंद्र सिंह को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हत्या के बाद से ही जेल में बंद सुरेंद्र को सजा सुनाते समय न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उसे गिरफ्तार कर नई टिहरी जेल भेज दिया गया।
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