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जानकीचट्टी में करोड़ों की बस पार्किंग का निर्माण ठप
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चारधाम यात्रा को लेकर एक ओर जहां शासन-प्रशासन यात्रा काल से पहले सभी तैयारियां पूरी होने की बात कह रहा है। वहीं दूसरी तरफ यमुनोत्री धाम के अंतिम प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी में करोड़ों की लागत से बन रही बस पार्किंग का निर्माण महीनों से ठप पड़ा है, जिससे आगामी यात्राकाल में निर्माण एजेंसी की यह लापरवाही तीर्थयात्रियों पर भारी पड़ सकती है।
चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी में करीब पौने पांच करोड़ की लागत से बस पार्किंग स्वीकृत हुई थी। पिछले साल नवंबर में शिलान्यास के साथ पार्किंग निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन थोड़ा बहुत काम होने के बाद यह महीनों से ठप पड़ा हुआ है। वहीं पहले के बने बस स्टैंड पर जगह-जगह मलबा फैला हुआ है। क्षेत्र में कोई जिम्मेदार अधिकारी न होने के कारण उनसे संपर्क न होने के कारण एसडीएम शालिनी नेगी का कहना है कि इस तरह की लापरवाही व लेटलतीफी को गंभीरता से दिखाया जाएगा।
पार्किंग निर्माण से थी राहत मिलने की उम्मीद
यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव पर बस पार्किंग का निर्माण होने से तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी। यहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से यात्राकाल में काफी अव्यवस्थाएं नजर आती है, जिसमें खासतौर पर बेतरतीब पार्किंग से हाईवे पर जाम की समस्या भी रहती है।
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चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी में करीब पौने पांच करोड़ की लागत से बस पार्किंग स्वीकृत हुई थी। पिछले साल नवंबर में शिलान्यास के साथ पार्किंग निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन थोड़ा बहुत काम होने के बाद यह महीनों से ठप पड़ा हुआ है। वहीं पहले के बने बस स्टैंड पर जगह-जगह मलबा फैला हुआ है। क्षेत्र में कोई जिम्मेदार अधिकारी न होने के कारण उनसे संपर्क न होने के कारण एसडीएम शालिनी नेगी का कहना है कि इस तरह की लापरवाही व लेटलतीफी को गंभीरता से दिखाया जाएगा।
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पार्किंग निर्माण से थी राहत मिलने की उम्मीद
यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव पर बस पार्किंग का निर्माण होने से तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी। यहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से यात्राकाल में काफी अव्यवस्थाएं नजर आती है, जिसमें खासतौर पर बेतरतीब पार्किंग से हाईवे पर जाम की समस्या भी रहती है।
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