यमुनोत्री धाम के पैदल रास्ते को जल्द दुुुरुस्त करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। रास्ता भूस्खलन से कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है, जिससे यहां पैदल आवाजाही जोखिम भरी होगी। यात्रा खुलने से बड़ी संख्या में यहां तीर्थयात्रियों के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं प्रशासन जल्द सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का दावा कर रहा है।
कोरोना महामारी के चलते चारधाम यात्रा करीब दो सालों से ठप है। तीर्थयात्रियों की आवाजाही बंद रहने से धामों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं। यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। पैदल रास्ते पर पथ प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे तीर्थयात्रियों को खासी परेशानी होगी। अब यात्रा का समय भी मात्र एक माह रह गया है। जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग भिडियाली गाड़ के समीप, भैरव मंदिर के निकट क्षतिग्रस्त है। पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, होटल व्यवसायी विशालमणि आदि ने प्रशासन से जल्द यमुनोत्री धाम व जानकीचट्टी में पर्याप्त सुविधाओं के साथ आवागमन के साधन दुरुस्त किए जाने की मांग की है। धाम में चिकित्सकों की तैनाती की मांग भी की गई है। वहीं जिला प्रशासन ने जल्द सभी व्यवस्थाएं जुटाए जाने की बात कही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। धामों में सभी व्यवस्थाएं अतिशीघ्र उपलब्ध करा दी जाएगी।