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भूलेख संवर्गीय कर्मचारियों ने शुरू किया कार्यबहिष्कार
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उत्तरकाशी में कार्य बहिष्कार कर धरना देते भूलेख संवर्गीय कर्मचारी।
- फोटो : UTTER KASHI
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तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के कार्य आवंटित किए जाने से भूलेख संवर्गीय कर्मचारियों में रोष है। विरोध स्वरूप भूलेख संवर्गीय कर्मचारियों ने सोमवार से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया। आदेश निरस्त नहीं होने पर उन्होंने एक अप्रैल से कलमबंद हड़ताल की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र कुमाईं ने बताया कि बीते 9 फरवरी को राजस्व परिषद ने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की अनुपस्थिति में तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कार्य आवंटित करने के आदेश दिए हैं। सेवा नियमावली के अनुसार नायब तहसीलदार के पद पर तैनाती से पूर्व राजस्व कार्यपालक सेवा के कार्मिकों को करीब दो वर्ष का प्रशिक्षण लेना होता है।
विरोध स्वरूप रजिस्ट्रार कानूनगो, राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक, राजस्व सेवक आदि भूलेख संवर्गीय कर्मचारियों ने सोमवार से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों में हरीश चंद्र अमुवाल, चंद्र विकास, प्रेम सिंह नाथ, दिनेश नौटियाल, अनिल कुमार, आशीष कुमार, मंगल लाल शाह, बालमिया लाल, सुखदेव असवाल, विरेश कुमार आदि शामिल रहे।
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राजस्व निरीक्षकों, उप निरीक्षकों ने किया कार्यबहिष्कार
श्रीनगर। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ और राजिस्ट्रार कानूनगो संघ के बैनर तले श्रीनगर और कीर्तिनगर में दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू हुआ। इस मौके पर कहा गया कि राजस्व परिषद ने 9 फरवरी को तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों/वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलदार/नायब तहसीलदारों की अनुपस्थिति में तहसील कार्यालयों से संबंधित कार्यों (न्यायिक कार्य छोड़कर) संपादित करने के आदेश दिए हैं। श्रीनगर में प्रताप सिंह, एसपी नौटियाल, मनीष सजवाण, दिनेश सिंह, रविंद्र कुमार, मानस मोहन व शिव लाल आदि धरने पर बैठे। इधर, कीर्तिनगर में आप नेता समीर रतूड़ी ने आंदोलन को समर्थन दिया। ब्यूरो
राजस्व कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
कर्णप्रयाग। उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सोमवार को पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक, राजस्व सेवक संघ और रजिस्ट्रार कानूनगो संघ ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर कर्णप्रयाग तहसील में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र कंडारी, दिपेन पंवार, मानवेंद्र बर्तवाल, प्रदीप रावत, जगदीश औलिया, जानकी, नीरज पुरोहित आदि थे। संवाद
‘राजस्व कर्मियों के खिलाफ है सरकार का निर्णय’
पौड़ी। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ के जिला संरक्षक हरीश पांडेय व जिलाध्यक्ष विनोद सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की तहसीलों में कार्यरत मुख्य व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलों में तहसीलदार व नायब तहसीलदार का प्रभार दिया जा रहा है, जो राजस्व सेवा के कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ है। संघ ने पुलिस कार्य के लिए अनुसेवकों की भर्ती किए जाने, चौकियों में रंग-रोगन करने, बिजली-पानी के बिलों का भुगतान किए जाने, राजस्व उपनिरीक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरु किए जाने की मांग भी की। वहीं पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष सोहन सिंह रावत ने समर्थन दिया। कार्य बहिष्कार करने वालो में विजयराम पंत, बसुलाल, प्रवीन रावत, सूरजपाल सिंह, भोपाल सिंह चौहान, निर्मला, नीतू, कांता सेमवाल, भुवनेश पडियार, बृजेश भंडारी आदि शामिल रहे। संवाद
हड़ताल से बैरंग लौटे दूर दराज से पहुंचे लोग
गोपेश्वर/पोखरी/घाट। भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ ने सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते तहसीलों में राजस्व संबंधी, चरित्र, हैसियत, मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने सहित कई काम बाधित हुए हैं। तहसील पहुंचे दूर दराज के लोगों को हड़ताल के चलते बैरंग लौटना पड़ा। तहसील चमोली, पोखरी, घाट, जोशीमठ में कर्मियों ने हड़ताल रखने के साथ ही धरना भी दिया। चमोली तहसील में राजस्व निरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कंडारी, दिपेन पंवार, मानवेंद्र सिंह बत्र्वाल आदि प्रदर्शन में शामिल रहे। पोखरी तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो मोहन रावत, राजस्व निरीक्षक देवेंद्र मनवाल, मनोज, शांति प्रसाद डिमरी, पुष्कर नेगी, राजेश कुमार गोरखा शामिल रहे। संवाद
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राजस्व कर्मियों ने तहसीलों में दिया धरना
नई टिहरी। सोमवार को टिहरी तहसील में राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षकों ने धरना देकर शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के पदों पर मिनिस्ट्रीय संवर्ग को पदोन्नति देना सेवा नियमावली के विपरीत है। कहा कि पहले चरण में दो दिवसीय कार्यबहिष्कार किया जा रहा है। इस मौके पर महिपाल पुंडीर, यशपाल नेगी, कामेश्वर भट्ट, विनोद रतूड़ी, दिलीप जोशी, सुरेंद्र पंवार, सूरदास गडोई, परमेंद्र राणा, राजेंद्र गुनसोला, विनोद समेल्टी आदि मौजूद थे। तहसील मुख्यालय गजा, प्रतापनगर, जाखणीधार, घनसाली, बालगंगा, कंडीसौड़, नैनबाग, नरेंद्रनगर समेत जिलेभर की सभी तहसीलों में भी कर्मियों ने धरना देकर उपेक्षा का आरोप लगाया। गजा में धरना देने वालों में उपेंद्र राणा, विनोद राणा, रमेश नौटियाल, प्रवीन जेठूड़ी, संजय उनियाल, हरिमोहन बडोनी, भजन कैंतुरा आदि शामिल थे। संवाद
मिनिस्ट्रीयल संघ ने पदोन्नति को बताया तर्क संगत
नई टिहरी। उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों पर पदोन्नति को तर्क संगत बताया है। कहा कि पदोन्नति की यह व्यवस्था यूपी के समय से चली आ रही है, लेकिन भूलेख संवर्ग कर्मचारी महासंघ बेवजह इसका विरोध कर रहे हैं।
उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री केशव गैरोला ने कहा कि भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ तहसीलदार के रिक्त पदों पर मिनिस्ट्रियल कर्मचारी से पदोन्नति राजपत्रित श्रेणी-दो प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभार दिए जाने का विरोध करना अव्यवहारिक है, जिसका कि संघ विरोध करता है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आंदोलन के साथ ही न्यायालय के शरण में जाने की चेतावनी दी। संवाद
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उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र कुमाईं ने बताया कि बीते 9 फरवरी को राजस्व परिषद ने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की अनुपस्थिति में तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कार्य आवंटित करने के आदेश दिए हैं। सेवा नियमावली के अनुसार नायब तहसीलदार के पद पर तैनाती से पूर्व राजस्व कार्यपालक सेवा के कार्मिकों को करीब दो वर्ष का प्रशिक्षण लेना होता है।
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विरोध स्वरूप रजिस्ट्रार कानूनगो, राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक, राजस्व सेवक आदि भूलेख संवर्गीय कर्मचारियों ने सोमवार से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों में हरीश चंद्र अमुवाल, चंद्र विकास, प्रेम सिंह नाथ, दिनेश नौटियाल, अनिल कुमार, आशीष कुमार, मंगल लाल शाह, बालमिया लाल, सुखदेव असवाल, विरेश कुमार आदि शामिल रहे।
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राजस्व निरीक्षकों, उप निरीक्षकों ने किया कार्यबहिष्कार
श्रीनगर। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ और राजिस्ट्रार कानूनगो संघ के बैनर तले श्रीनगर और कीर्तिनगर में दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू हुआ। इस मौके पर कहा गया कि राजस्व परिषद ने 9 फरवरी को तहसीलों में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों/वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलदार/नायब तहसीलदारों की अनुपस्थिति में तहसील कार्यालयों से संबंधित कार्यों (न्यायिक कार्य छोड़कर) संपादित करने के आदेश दिए हैं। श्रीनगर में प्रताप सिंह, एसपी नौटियाल, मनीष सजवाण, दिनेश सिंह, रविंद्र कुमार, मानस मोहन व शिव लाल आदि धरने पर बैठे। इधर, कीर्तिनगर में आप नेता समीर रतूड़ी ने आंदोलन को समर्थन दिया। ब्यूरो
राजस्व कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
कर्णप्रयाग। उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सोमवार को पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक, राजस्व सेवक संघ और रजिस्ट्रार कानूनगो संघ ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर कर्णप्रयाग तहसील में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र कंडारी, दिपेन पंवार, मानवेंद्र बर्तवाल, प्रदीप रावत, जगदीश औलिया, जानकी, नीरज पुरोहित आदि थे। संवाद
‘राजस्व कर्मियों के खिलाफ है सरकार का निर्णय’
पौड़ी। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ के जिला संरक्षक हरीश पांडेय व जिलाध्यक्ष विनोद सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की तहसीलों में कार्यरत मुख्य व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलों में तहसीलदार व नायब तहसीलदार का प्रभार दिया जा रहा है, जो राजस्व सेवा के कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ है। संघ ने पुलिस कार्य के लिए अनुसेवकों की भर्ती किए जाने, चौकियों में रंग-रोगन करने, बिजली-पानी के बिलों का भुगतान किए जाने, राजस्व उपनिरीक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरु किए जाने की मांग भी की। वहीं पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष सोहन सिंह रावत ने समर्थन दिया। कार्य बहिष्कार करने वालो में विजयराम पंत, बसुलाल, प्रवीन रावत, सूरजपाल सिंह, भोपाल सिंह चौहान, निर्मला, नीतू, कांता सेमवाल, भुवनेश पडियार, बृजेश भंडारी आदि शामिल रहे। संवाद
हड़ताल से बैरंग लौटे दूर दराज से पहुंचे लोग
गोपेश्वर/पोखरी/घाट। भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ ने सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते तहसीलों में राजस्व संबंधी, चरित्र, हैसियत, मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने सहित कई काम बाधित हुए हैं। तहसील पहुंचे दूर दराज के लोगों को हड़ताल के चलते बैरंग लौटना पड़ा। तहसील चमोली, पोखरी, घाट, जोशीमठ में कर्मियों ने हड़ताल रखने के साथ ही धरना भी दिया। चमोली तहसील में राजस्व निरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कंडारी, दिपेन पंवार, मानवेंद्र सिंह बत्र्वाल आदि प्रदर्शन में शामिल रहे। पोखरी तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो मोहन रावत, राजस्व निरीक्षक देवेंद्र मनवाल, मनोज, शांति प्रसाद डिमरी, पुष्कर नेगी, राजेश कुमार गोरखा शामिल रहे। संवाद
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राजस्व कर्मियों ने तहसीलों में दिया धरना
नई टिहरी। सोमवार को टिहरी तहसील में राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षकों ने धरना देकर शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के पदों पर मिनिस्ट्रीय संवर्ग को पदोन्नति देना सेवा नियमावली के विपरीत है। कहा कि पहले चरण में दो दिवसीय कार्यबहिष्कार किया जा रहा है। इस मौके पर महिपाल पुंडीर, यशपाल नेगी, कामेश्वर भट्ट, विनोद रतूड़ी, दिलीप जोशी, सुरेंद्र पंवार, सूरदास गडोई, परमेंद्र राणा, राजेंद्र गुनसोला, विनोद समेल्टी आदि मौजूद थे। तहसील मुख्यालय गजा, प्रतापनगर, जाखणीधार, घनसाली, बालगंगा, कंडीसौड़, नैनबाग, नरेंद्रनगर समेत जिलेभर की सभी तहसीलों में भी कर्मियों ने धरना देकर उपेक्षा का आरोप लगाया। गजा में धरना देने वालों में उपेंद्र राणा, विनोद राणा, रमेश नौटियाल, प्रवीन जेठूड़ी, संजय उनियाल, हरिमोहन बडोनी, भजन कैंतुरा आदि शामिल थे। संवाद
मिनिस्ट्रीयल संघ ने पदोन्नति को बताया तर्क संगत
नई टिहरी। उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों पर पदोन्नति को तर्क संगत बताया है। कहा कि पदोन्नति की यह व्यवस्था यूपी के समय से चली आ रही है, लेकिन भूलेख संवर्ग कर्मचारी महासंघ बेवजह इसका विरोध कर रहे हैं।
उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री केशव गैरोला ने कहा कि भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ तहसीलदार के रिक्त पदों पर मिनिस्ट्रियल कर्मचारी से पदोन्नति राजपत्रित श्रेणी-दो प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभार दिए जाने का विरोध करना अव्यवहारिक है, जिसका कि संघ विरोध करता है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आंदोलन के साथ ही न्यायालय के शरण में जाने की चेतावनी दी। संवाद