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Uttarkashi News: हिमाचल से मंगवाने पड़ रहे हैं मधुमक्खियों का बॉक्स
Fri, 28 Mar 2025 06:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 28 Mar 2025 06:50 PM IST
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सेब के पेड़ों पर शुरू हो गई है फ्लावरिंग, मोरी और पुरोला के बागवान हो रहे परेशान
उत्तरकाशी। जनपद में मोरी और पुरोला के सेब बागवानों को अभी तक मधुमक्खियों के बॉक्स नहीं मिल पाए हैं। बागवानों का कहना है कि अब निचले इलाकों में सेब के पेड़ों पर फ्लावरिंग शुरू हो गई है। इसलिए परागण के लिए मधुमक्खियों की आवश्यकता होती है, लेकिन बॉक्स उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें हिमाचल प्रदेश से खरीदने पड़ रहे हैं।
स्थानीय काश्तकारों राजमोहन रावत, जगदीश रांगड़, चंदराम फनाटा, भगवान सिंह, हरमोहन सिंह, राजेश रांगड़ ने बताया कि मोरी के निचले इलाकों में सेब के पेड़ों पर फ्लावरिंग शुरू हो गई है। अब तक करीब 30 से 40 प्रतिशत तक फूल आ चुके हैं, लेकिन उद्यान विभाग की ओर से अभी तक मधुमक्खियों के बॉक्स नहीं दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक बगीचे पर करीब दो से तीन बॉक्स की आवश्यकता होती है। क्योंकि मधुमक्खियां फूलों के परागण में सहायक साबित होती है।
विभाग की देरी के कारण काश्तकारों को पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से बॉक्स खरीद कर लाने पड़ रहे हैं। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। वहीं पुरोला क्षेत्र में भी अब फ्लावरिंग शुरू होने वाली है, लेकिन वहां पर भी बॉक्स उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। काश्तकारों ने उद्यान विभाग से मांग की है कि जल्द ही उन्हें मधुमक्खियों के बॉक्स उपलब्ध करवाए जाए, जिससे कि उनके उत्पादन में यह सहयोगी साबित हो सके। मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी ने बताया कि एक अप्रैल से मोरी पुरोला आदि क्षेत्रों में मधुमक्खियों के बॉक्स का वितरण शुरू हो जाएगा।
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उत्तरकाशी। जनपद में मोरी और पुरोला के सेब बागवानों को अभी तक मधुमक्खियों के बॉक्स नहीं मिल पाए हैं। बागवानों का कहना है कि अब निचले इलाकों में सेब के पेड़ों पर फ्लावरिंग शुरू हो गई है। इसलिए परागण के लिए मधुमक्खियों की आवश्यकता होती है, लेकिन बॉक्स उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें हिमाचल प्रदेश से खरीदने पड़ रहे हैं।
स्थानीय काश्तकारों राजमोहन रावत, जगदीश रांगड़, चंदराम फनाटा, भगवान सिंह, हरमोहन सिंह, राजेश रांगड़ ने बताया कि मोरी के निचले इलाकों में सेब के पेड़ों पर फ्लावरिंग शुरू हो गई है। अब तक करीब 30 से 40 प्रतिशत तक फूल आ चुके हैं, लेकिन उद्यान विभाग की ओर से अभी तक मधुमक्खियों के बॉक्स नहीं दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक बगीचे पर करीब दो से तीन बॉक्स की आवश्यकता होती है। क्योंकि मधुमक्खियां फूलों के परागण में सहायक साबित होती है।
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विभाग की देरी के कारण काश्तकारों को पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से बॉक्स खरीद कर लाने पड़ रहे हैं। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। वहीं पुरोला क्षेत्र में भी अब फ्लावरिंग शुरू होने वाली है, लेकिन वहां पर भी बॉक्स उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। काश्तकारों ने उद्यान विभाग से मांग की है कि जल्द ही उन्हें मधुमक्खियों के बॉक्स उपलब्ध करवाए जाए, जिससे कि उनके उत्पादन में यह सहयोगी साबित हो सके। मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी ने बताया कि एक अप्रैल से मोरी पुरोला आदि क्षेत्रों में मधुमक्खियों के बॉक्स का वितरण शुरू हो जाएगा।
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