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Uttarkashi News: आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने कार्यबहिष्कार कर प्रदर्शन किया
Sat, 13 Jun 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 13 Jun 2026 07:15 PM IST
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बड़कोट में मांगों को लेकर धरना देते आयुर्वेदिक चिकित्सक। संवाद
बड़कोट। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यमुना घाटी के आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने शनिवार को धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने ओपीडी का पूरी तरह बहिष्कार रखा। राजकीय आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म चिकित्सालय बड़कोट में आयोजित प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने सरकार से सात सूत्रीय मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्यवाही करने की मांग की।
धरना प्रदर्शन में शामिल चिकित्सकों ने आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी संवर्ग के लिए निदेशक की नियुक्ति, डीएसीपी का लाभ प्रदान करने, विभागीय ढांचे के पुनर्गठन, लंबित अधिनियमों का लाभ देने, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण, सेवा अवधि के दौरान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन अवकाश एवं पूर्ण वेतन की व्यवस्था और मोबाइल ऐप एवं आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से उत्पन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। चिकित्सकों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिससे संवर्ग के अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र चंद, सचिव डॉ. विनोद धौनी, प्रभारी पंचकर्म चिकित्सालय बड़कोट डॉ. मनमोहन राणा, डॉ. भगवान सिंह, डॉ. गुरुदयालन नेगी, डॉ. नितेश नौटियाल, डॉ. स्वाती, डॉ. विजयकांत, डॉ. संदीप, डॉ. लवेंद्र, डॉ. जय प्रकाश और डॉ. वंदना चौहान आदि मौजूद रहे।
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धरना प्रदर्शन में शामिल चिकित्सकों ने आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी संवर्ग के लिए निदेशक की नियुक्ति, डीएसीपी का लाभ प्रदान करने, विभागीय ढांचे के पुनर्गठन, लंबित अधिनियमों का लाभ देने, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण, सेवा अवधि के दौरान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन अवकाश एवं पूर्ण वेतन की व्यवस्था और मोबाइल ऐप एवं आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से उत्पन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। चिकित्सकों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिससे संवर्ग के अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र चंद, सचिव डॉ. विनोद धौनी, प्रभारी पंचकर्म चिकित्सालय बड़कोट डॉ. मनमोहन राणा, डॉ. भगवान सिंह, डॉ. गुरुदयालन नेगी, डॉ. नितेश नौटियाल, डॉ. स्वाती, डॉ. विजयकांत, डॉ. संदीप, डॉ. लवेंद्र, डॉ. जय प्रकाश और डॉ. वंदना चौहान आदि मौजूद रहे।
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