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दवाई से झड़ रहे सेब के दाने और पत्ते
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स्योरी फल पट्टी में उद्यान विभाग से मिली दवा के बाद इस तरह झड़े सेब के फल।
- फोटो : UTTER KASHI
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स्योरी फलपट्टी के सेब उत्पादकों ने उद्यान विभाग पर गलत दवाई वितरित करने का आरोप लगाया है। काश्तकारों का कहना है कि विभाग से सब्सिडी पर मिली ड्रोन एक्स दवाई से सेब की अगेती फसल की प्रजातियों के दाने व पत्ते झड़ रहे हैं। साथ ही पेड़ पर बची पत्तियां काली पड़ रही हैं। काश्तकारों ने मामले में जांच किए जाने की मांग की है। वहीं विभाग गलत समय पर दवाई के छिड़काव को समस्या का कारण बता रहा है।
सेब उत्पादकों ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री और उद्यान मंत्री को ज्ञापन भेजा है। पछेती प्रजाति के सेब की फसल को नुकसान न हो इसके लिए विभाग ने आनन-फानन में मोबाइल टीम के माध्यम से काश्तकारों को दवाई का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी है। सेब उत्पादक गजेंद्र नौटियाल, कृपाल सिंह, सोवेंद्र सिंह का कहना है कि वह हर साल उद्यान विभाग से सब्सिडी पर छिड़काव के लिए दवाई खरीदते हैं। इस साल विभाग ने उन्हें जो दवाई दी है, उसके छिड़काव से अगेती फसल की टाईट मैन और गाला प्रजाति के सेब के दाने और पत्तियां झड़ गई हैं। जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
मुख्य उद्यान अधिकारी डा. रजनीश सिंह ने कहा कि कुछ काश्तकारों ने गलत समय पर दवाई का छिड़काव किया है। सम्भवत: काश्तकारों ने डोज बढ़ाई होगी या फिर दवाई के साथ कुछ और मिलाकर छिड़काव किया होगा। जिससे समस्या उत्पन्न हुई है। मोबाइल टीम के माध्यम से काश्तकारों को अभी छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
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सेब उत्पादकों ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री और उद्यान मंत्री को ज्ञापन भेजा है। पछेती प्रजाति के सेब की फसल को नुकसान न हो इसके लिए विभाग ने आनन-फानन में मोबाइल टीम के माध्यम से काश्तकारों को दवाई का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी है। सेब उत्पादक गजेंद्र नौटियाल, कृपाल सिंह, सोवेंद्र सिंह का कहना है कि वह हर साल उद्यान विभाग से सब्सिडी पर छिड़काव के लिए दवाई खरीदते हैं। इस साल विभाग ने उन्हें जो दवाई दी है, उसके छिड़काव से अगेती फसल की टाईट मैन और गाला प्रजाति के सेब के दाने और पत्तियां झड़ गई हैं। जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
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मुख्य उद्यान अधिकारी डा. रजनीश सिंह ने कहा कि कुछ काश्तकारों ने गलत समय पर दवाई का छिड़काव किया है। सम्भवत: काश्तकारों ने डोज बढ़ाई होगी या फिर दवाई के साथ कुछ और मिलाकर छिड़काव किया होगा। जिससे समस्या उत्पन्न हुई है। मोबाइल टीम के माध्यम से काश्तकारों को अभी छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
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