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प्रशासन की ग्रामीणों से वार्ता विफल, सड़क निर्माण की मांग को ग्रामीणों का धरना जारी
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नौगांव उत्तरकाशी के सपेटा गांव में धरना देती महिलाएं।
- फोटो : UTTER KASHI
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सपेटा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। बुधवार को पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम ग्रामीणों से वार्ता के लिए धरना स्थल पर पहुंची, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की अनुमति मिलने तक धरना जारी रखने और 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
सरकार द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने स्वयं ही चंदा एकत्र कर सड़क निर्माण का निर्णय लिया। इसके तहत ग्रामीणों ने मशीन लगाकर दो हफ्ते पहले केसारी खड्ड के पास से गांव के लिए सड़क का कटान शुरू कर दिया था। मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने बगैर अनुमति के सड़क निर्माण को गैर कानूनी बताते हुए काम रुकवा दिया था। एसडीएम ने संबंधित विभागों के साथ वार्ता कर सड़क निर्माण की अनुमति का भरोसा दिलाया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
आक्रोशित ग्रामीण बीते 19 जून से गांव के पंचायत चौक में ही धरना दे रहे हैं। बुधवार को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम धरना समाप्त कराने के लिए गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। गांव के प्रमोद राणा ने कहा कि एक ओर तो सरकार हर गांव तक सड़क बनाने की बात कहती है, लेकिन जब ग्रामीण स्वयं अपने खर्च पर सड़क बना रहे हैं तो उन्हें रोका जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो ग्रामीण भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक बृजमोहन आर्य, चौकी इंचार्ज एसआई प्रदीप तोमर, राजस्व उपनिरीक्षक खजान सिंह असवाल आदि मौजूद रहे।
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सरकार द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने स्वयं ही चंदा एकत्र कर सड़क निर्माण का निर्णय लिया। इसके तहत ग्रामीणों ने मशीन लगाकर दो हफ्ते पहले केसारी खड्ड के पास से गांव के लिए सड़क का कटान शुरू कर दिया था। मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने बगैर अनुमति के सड़क निर्माण को गैर कानूनी बताते हुए काम रुकवा दिया था। एसडीएम ने संबंधित विभागों के साथ वार्ता कर सड़क निर्माण की अनुमति का भरोसा दिलाया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
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आक्रोशित ग्रामीण बीते 19 जून से गांव के पंचायत चौक में ही धरना दे रहे हैं। बुधवार को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम धरना समाप्त कराने के लिए गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। गांव के प्रमोद राणा ने कहा कि एक ओर तो सरकार हर गांव तक सड़क बनाने की बात कहती है, लेकिन जब ग्रामीण स्वयं अपने खर्च पर सड़क बना रहे हैं तो उन्हें रोका जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो ग्रामीण भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक बृजमोहन आर्य, चौकी इंचार्ज एसआई प्रदीप तोमर, राजस्व उपनिरीक्षक खजान सिंह असवाल आदि मौजूद रहे।
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