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Uttarkashi News: गोरशाली-जखोल मोटर मार्ग का हिस्सा हुआ ध्वस्त
Thu, 30 Jul 2026 06:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:03 PM IST
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आवाजाही में हो रही दिक्कत, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
उत्तरकाशी। बारिश के कारण गोरशाली-जखोल मोटर मार्ग का एक हिस्सा ध्वस्त होने से आवागमन जोखिमभरा हो गया है जबकि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों से वाहन चालकों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पीएमजीएसवाई विभाग ने जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बृहस्पतिवार को चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डीएम प्रशांत आर्य को ज्ञापन सौंपकर सड़क की बदहाली से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग गोरशाली, पाई, द्वारी, जौकाणी और जखोल समेत कई गांवों की जीवनरेखा है।
पिछले वर्ष की बारिश में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत नहीं होने से खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कहा कि यदि सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई तो क्षेत्र का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी गंभीर असर पड़ेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में नकदी फसल तैयार है।
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यदि समय रहते सड़क दुरुस्त नहीं हुई तो किसान अपनी उपज बाजार तक नहीं पहुंचा पाएंगे। इससे फसल घरों में ही खराब होने का खतरा रहेगा और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मौके पर जखोल गांव के ग्राम प्रधान उपेंद्र रावत, प्रदीप राणा, जितेंद्र कुमार, जगमोहन राणा, महीपाल रमोला, ललित कुमार, गोपी रमोला, राजवीर पंवार आदि मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। बारिश के कारण गोरशाली-जखोल मोटर मार्ग का एक हिस्सा ध्वस्त होने से आवागमन जोखिमभरा हो गया है जबकि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों से वाहन चालकों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पीएमजीएसवाई विभाग ने जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बृहस्पतिवार को चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डीएम प्रशांत आर्य को ज्ञापन सौंपकर सड़क की बदहाली से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग गोरशाली, पाई, द्वारी, जौकाणी और जखोल समेत कई गांवों की जीवनरेखा है।
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पिछले वर्ष की बारिश में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन अब तक स्थायी मरम्मत नहीं होने से खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कहा कि यदि सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई तो क्षेत्र का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी गंभीर असर पड़ेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में नकदी फसल तैयार है।
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यदि समय रहते सड़क दुरुस्त नहीं हुई तो किसान अपनी उपज बाजार तक नहीं पहुंचा पाएंगे। इससे फसल घरों में ही खराब होने का खतरा रहेगा और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मौके पर जखोल गांव के ग्राम प्रधान उपेंद्र रावत, प्रदीप राणा, जितेंद्र कुमार, जगमोहन राणा, महीपाल रमोला, ललित कुमार, गोपी रमोला, राजवीर पंवार आदि मौजूद रहे।