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भागीरथी में गंदा पानी बहाने की तैयारी
Uttar Kashi
Updated Mon, 27 Oct 2014 05:32 AM IST
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उत्तरकाशी। बाड़ाहाट में गंगा भागीरथी के किनारे मंगल घाट पर पालिका की ओर से बनाई जा रही नाली सवालों के घेरे में है। नाली से बस्ती का गंदा पानी भागीरथी में छोड़ने की तैयारी सबको हैरान करने वाली है। इस स्थान जल विद्युत निगम की ओर से सुरक्षा दीवार का निर्माण भी कराया जाना है।
चाणक्यपुरी बाड़ाहाट में गंगा भागीरथी के किनारे पालिका की ओर से दो लाख रुपये की लागत से गंदे पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया जा रहा है। नाली से गंदे पानी की निकासी सीधे गंगा भागीरथी में ही की जाएगी। एक ओर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हो रहे सरकारी प्रयास और अब सरकारी बजट से ही गंगा में गंदा पानी छोड़ने के लिए नाली का निर्माण हैरान करने वाला है।
यहां पुराने सीसी ब्लाक एवं दीवार पर भी लीपापोती की जा रही है, जबकि जोशियाड़ा बैराज से लेकर तिलोथ मोटर पुल तक गंगा भागीरथी के दोनों ओर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य का जिम्मा जल विद्युत निगम को सौंपा गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब निगम को यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने हैं, तो फिर लीपापोती पर सरकारी बजट का दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है। स्थानीय निवासी लोकेंद्र बिष्ट का कहना है कि पालिका को तो नगर के अन्य हिस्सों में गंगा भागीरथी में जा रहे गंदे पानी को रोकने के इंतजाम करने चाहिए।
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बाड़ाहाट क्षेत्र में गंगा भागीरथी में स्नान तथा गंगा जल लेने के लिए कोई घाट नहीं है। पालिका की ओर बनाए गए मंगल घाट पर भी गंदा पानी जमा होने से लोगों को दिक्कत हो रही थी। इसी वजह से नाली बनाई जा रही है। इसके पानी को गड्ढे में जमा किया जाएगा।
भूदेव कुड़ियाल, पालिका सभासद बाड़ाहाट उत्तरकाशी।
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चाणक्यपुरी बाड़ाहाट में गंगा भागीरथी के किनारे पालिका की ओर से दो लाख रुपये की लागत से गंदे पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया जा रहा है। नाली से गंदे पानी की निकासी सीधे गंगा भागीरथी में ही की जाएगी। एक ओर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हो रहे सरकारी प्रयास और अब सरकारी बजट से ही गंगा में गंदा पानी छोड़ने के लिए नाली का निर्माण हैरान करने वाला है।
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यहां पुराने सीसी ब्लाक एवं दीवार पर भी लीपापोती की जा रही है, जबकि जोशियाड़ा बैराज से लेकर तिलोथ मोटर पुल तक गंगा भागीरथी के दोनों ओर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य का जिम्मा जल विद्युत निगम को सौंपा गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब निगम को यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने हैं, तो फिर लीपापोती पर सरकारी बजट का दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है। स्थानीय निवासी लोकेंद्र बिष्ट का कहना है कि पालिका को तो नगर के अन्य हिस्सों में गंगा भागीरथी में जा रहे गंदे पानी को रोकने के इंतजाम करने चाहिए।
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बाड़ाहाट क्षेत्र में गंगा भागीरथी में स्नान तथा गंगा जल लेने के लिए कोई घाट नहीं है। पालिका की ओर बनाए गए मंगल घाट पर भी गंदा पानी जमा होने से लोगों को दिक्कत हो रही थी। इसी वजह से नाली बनाई जा रही है। इसके पानी को गड्ढे में जमा किया जाएगा।
भूदेव कुड़ियाल, पालिका सभासद बाड़ाहाट उत्तरकाशी।