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गुलदार की खाल तस्करी में तीन को सजा
Uttar Kashi
Updated Sun, 19 Oct 2014 05:32 AM IST
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पुरोला। सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत ने गुलदार की खाल और भालू के पित्त की तस्करी के मामले में तीन लोगों को तीन-तीन साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। तीनों आरोपी मोरी क्षेत्र के हैं।
टौंस वन प्रभाग के वन कर्मियों ने वर्ष 2013 में मोरी निवासी सुमित और सुरेंद्र तथा खंकरू निवासी सेवा को गुलदार की खाल एवं भालू के पित्त के साथ गिरफ्तार किया था। वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन भवदीप राउते की अदालत ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता धर्म सिंह नेगी ने बताया कि अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। ब्यूरो
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टौंस वन प्रभाग के वन कर्मियों ने वर्ष 2013 में मोरी निवासी सुमित और सुरेंद्र तथा खंकरू निवासी सेवा को गुलदार की खाल एवं भालू के पित्त के साथ गिरफ्तार किया था। वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन भवदीप राउते की अदालत ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता धर्म सिंह नेगी ने बताया कि अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। ब्यूरो
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