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सहकारी बैंक में लाखों का गबन
Uttar Kashi
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:38 PM IST
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उत्तरकाशी। सहकारी बैंक की जोशियाड़ा ब्रांच में उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पिछले कुछ महीनों में बैंक में तैनात कैशियर ने उपभोक्ताओं से पैसे लेकर जमा पर्ची व पासबुक में रकम दर्ज की, लेकिन बैंक में जमा नहीं कराई। लगातार आ रही शिकायतों के बाद बैंक प्रबंधन भी लाखों के गबन की आशंका जता रहा है। गबन में कैशियर को आरोपी बनाया गया है। लगातार आ रही शिकायतों के बाद कैशियर को हेड ऑफिस से अटैच कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लदाड़ी निवासी कौमुदी नौटियाल ने करीब दो माह पूर्व सहकारी बैंक जोशियाड़ा में 50 हजार रुपये जमा कराए। कैशियर ने उन्हें जमा पर्ची पर मोहर लगाकर और पासबुक में पैसे चढ़ाकर लौटा दिया। लेकिन, न तो पैसे बैंक में जमा हुए और न ही बैंक के लेजर में रकम दर्ज की गई। जोशियाड़ा निवासी डा. एसएस भंडारी, विजेंद्र नाथ आदि 15 से अधिक उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की गई। शिकायतें आने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। ऐसे में लाखों के घोटाले का अंदेशा जताया जा रहा है।
बैंक की यह शाखा कंप्यूटराइज्ड नहीं होने से उपभोक्ताओं के साथ यह धोखाधड़ी की गई। बैंक शाखा प्रबंधक सुमेरी परमार ने स्वीकारा कि कई शिकायतें मिल चुकी हैं। मामले से बैंक प्रबंधन को भी अवगत करा दिया है। वहीं कैशियर बलबीर दास को हेड ऑफिस से अटैच किया जा चुका है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही गबन की रकम का खुलासा हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक आरोपी कैशियर से रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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मामले की जांच उपमहाप्रबंधक एके शर्मा को सौंपी है। पांच फरवरी को प्रबंध समिति की बैठक भी बुलाई है। इसमें ही कैशियर के विरुद्ध कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। 15-20 दिनों में उपभोक्ताओं के खातों में उनका पैसा जमा करा दिया जाएगा। -प्रमोद प्रताप सिंह, महाप्रबंधक, सहकारी बैंक उत्तरकाशी।
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लदाड़ी निवासी कौमुदी नौटियाल ने करीब दो माह पूर्व सहकारी बैंक जोशियाड़ा में 50 हजार रुपये जमा कराए। कैशियर ने उन्हें जमा पर्ची पर मोहर लगाकर और पासबुक में पैसे चढ़ाकर लौटा दिया। लेकिन, न तो पैसे बैंक में जमा हुए और न ही बैंक के लेजर में रकम दर्ज की गई। जोशियाड़ा निवासी डा. एसएस भंडारी, विजेंद्र नाथ आदि 15 से अधिक उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की गई। शिकायतें आने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। ऐसे में लाखों के घोटाले का अंदेशा जताया जा रहा है।
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बैंक की यह शाखा कंप्यूटराइज्ड नहीं होने से उपभोक्ताओं के साथ यह धोखाधड़ी की गई। बैंक शाखा प्रबंधक सुमेरी परमार ने स्वीकारा कि कई शिकायतें मिल चुकी हैं। मामले से बैंक प्रबंधन को भी अवगत करा दिया है। वहीं कैशियर बलबीर दास को हेड ऑफिस से अटैच किया जा चुका है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही गबन की रकम का खुलासा हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक आरोपी कैशियर से रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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मामले की जांच उपमहाप्रबंधक एके शर्मा को सौंपी है। पांच फरवरी को प्रबंध समिति की बैठक भी बुलाई है। इसमें ही कैशियर के विरुद्ध कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। 15-20 दिनों में उपभोक्ताओं के खातों में उनका पैसा जमा करा दिया जाएगा। -प्रमोद प्रताप सिंह, महाप्रबंधक, सहकारी बैंक उत्तरकाशी।