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झील में हो रहा है मछलियों का अवैध आखेट
Uttar Kashi
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध की झील में पैदा हो रही महासीर मछली के विपणन की व्यवस्था नहीं है। जिससे कुछ लोग मछलियों का अवैध आखेट कर रहे हैं। सरकार के उपेक्षित रवैये से प्रभावित स्थानीय बेरोजगारों ने मछली के आखेट के लिए परमिट जारी करने की मांग की है।
2006 में टिहरी बांध की झील बनने से चिन्यालीसौड़ प्रखंड के 14 गांव आंशिक रूप से और जोगियाड़ा गांव पूर्ण विस्थापित किया गया। लेकिन इन परिवारों के बेरोजगारों के लिए कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में उनमें आक्रोश है। टिहरी बांध की 42 किमी झील में महासीर मछली के बीज टीएसडीसी ने डाले हैं। परंतु सात वर्ष बाद भी सरकार ने मछली विपणन के लिए अनुमति पत्र जारी नहीं किया है। स्थानीय युवा विजयपाल रावत, कृपाल रावत, प्रताप सिंह, गुलाब चंद ने बताया कि झील से मछली विपणन की नीति न बनाने से बड़ी संख्या में बाहरी लोग रात में मछली का आखेट कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र स्थानीय बेरोजगार के लिए मछली विपणन नीति बनाने की मांग की।
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2006 में टिहरी बांध की झील बनने से चिन्यालीसौड़ प्रखंड के 14 गांव आंशिक रूप से और जोगियाड़ा गांव पूर्ण विस्थापित किया गया। लेकिन इन परिवारों के बेरोजगारों के लिए कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में उनमें आक्रोश है। टिहरी बांध की 42 किमी झील में महासीर मछली के बीज टीएसडीसी ने डाले हैं। परंतु सात वर्ष बाद भी सरकार ने मछली विपणन के लिए अनुमति पत्र जारी नहीं किया है। स्थानीय युवा विजयपाल रावत, कृपाल रावत, प्रताप सिंह, गुलाब चंद ने बताया कि झील से मछली विपणन की नीति न बनाने से बड़ी संख्या में बाहरी लोग रात में मछली का आखेट कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र स्थानीय बेरोजगार के लिए मछली विपणन नीति बनाने की मांग की।
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