{"_id":"5d0d0cce8ebc3e55df70e3ba","slug":"15611363186-utter-kashi-news198","type":"story","status":"publish","title_hn":"चविं नाल्ड में कूड़ा उड़ेलने के विरोध में असी गंगा घाटी के ग्रामीणों ने बुलंद की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चविं नाल्ड में कूड़ा उड़ेलने के विरोध में असी गंगा घाटी के ग्रामीणों ने बुलंद की आवाज
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उत्तरकाशी। चिवां नाल्ड में नगर पालिका बाड़ाहाट के कूड़ा निस्तारण की तैयारियों का असी गंगा घाटी के ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध किया है। शुक्रवार को संगमचट्टी में हुई क्षेत्र की महापंचायत में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण किसी सूरत में घाटी में कूड़ा डंपिंग जोन नहीं बनने देंगे। यदि जबरन इस तरह का प्रयास किया गया तो इसका पुरजोर विरोध करते हुए उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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शुक्रवार को संगमचट्टी में क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं डोडीताल पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष कमल सिंह रावत की अध्यक्षता में क्षेत्र के ग्रामीणों की महापंचायत हुई। इसमें असी गंगा घाटी के अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका, भंकोली, नौगांव, गजोली, सेकू, नाल्ड, चिवां एवं उत्तरों गांव के पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण एकत्र हुए। सभी ने एक स्वर में चिवां में कूड़ा डंपिंग जोन का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने और सड़क आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के बजाय प्रशासन भगवान गणेश की जन्मस्थली डोडीताल के प्रवेश द्वार पर कूड़े के ढेर लगाना चाह रहा है। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि प्रशासन की ओर से शासन को भेजा गया चिवां नाल्ड में नगर पालिका बाड़ाहाट के कूड़ा निस्तारण का प्रस्ताव तत्काल निरस्त करने की मांग की जाएगी। एक हफ्ते में ऐसा नहीं होने पर क्षेत्र की जनता एकजुट होकर धरना, जुलूस प्रदर्शन के लिए मजबूर होगी। आंदोलन के लिए सभी गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ही प्रत्येक गांव से एक-एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता को शामिल कर समिति का गठन किया गया। महापंचायत में ठिकड़ी देवी, सरिता, रीना रावत, विजेंद्र रावत, प्रेम सिंह पंवार, चंद्रवीर राणा, अर्जुन राणा, दिग्विजय नेगी, शिवराम पंवार, अतर सिंह पंवार, बलदेव सिंह, दिनेश राणा, धर्मेंद्र पंवार, प्यारेलाल, देवेंद्र रावत आदि दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
इंसेट
हर जगह कूड़े का ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने का विरोध
उत्तरकाशी। बीते साल नवंबर में हाईकोर्ट की ओर से तेखला गदेरे में कूड़ा उड़ेलने पर रोक लगाने के बाद से नगर पालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था चरमरा गई है। नगर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर नगर की छवि को बदरंग करने के साथ ही बरसात सीजन में संक्रामक रोगों के लिहाज से खतरा बने हुए हैं। पूर्व में प्रशासन ने कंसैण एवं मांडों गांव के निकट भी कूड़ा डंपिंग के लिए जमीन चिह्नित की थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और हाईकोर्ट के स्टे के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो पाए। अब पालिका एवं प्रशासन ने चिवां नाल्ड में वन भूमि चिह्नित कर वहां कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके लिए वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है, लेकिन असी गंगा घाटी के ग्रामीण इस निर्णय के खिलाफ हैं।
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उत्तरकाशी से पंकज गुप्ता।
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हर जगह कूड़े का ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने का विरोध
उत्तरकाशी। बीते साल नवंबर में हाईकोर्ट की ओर से तेखला गदेरे में कूड़ा उड़ेलने पर रोक लगाने के बाद से नगर पालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था चरमरा गई है। नगर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर नगर की छवि को बदरंग करने के साथ ही बरसात सीजन में संक्रामक रोगों के लिहाज से खतरा बने हुए हैं। पूर्व में प्रशासन ने कंसैण एवं मांडों गांव के निकट भी कूड़ा डंपिंग के लिए जमीन चिह्नित की थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और हाईकोर्ट के स्टे के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो पाए। अब पालिका एवं प्रशासन ने चिवां नाल्ड में वन भूमि चिह्नित कर वहां कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके लिए वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है, लेकिन असी गंगा घाटी के ग्रामीण इस निर्णय के खिलाफ हैं।
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उत्तरकाशी से पंकज गुप्ता।