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बड़कोट बाजार में लगी भीषण आग, सात दुकानें मय सामान हुईं स्वाह
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। बड़कोट बाजार में रजाई गद्दे की एक दुकान में लगी आग फैलने से हुए भीषण अग्निकांड में सात दुकानें जलकर राख हो गई। आसपास की अन्य दुकानों को भी इससे नुकसान पहुंचा। अग्निकांड के दौरान पूरे नगर में अफरा तफरी मची रही। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने में सफलता हासिल की।
बड़कोट में सोमवार दोपहर करीब सवा बारह बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और लोनिवि कार्यालय को जाने वाले रास्ते के किनारे शरीफ अहमद की रजाई गद्दे की दुकान में रूई धुनने वाली मशीन में अचानक आग लग गई। दुकानदार जब तक कुछ समझ पाता, आग ने भयावह रूप ले लिया। इस बीच पड़ोस की दुकानों से लोग अपना सामान निकाल ही रहे थे कि रजाई गद्दे की दुकान के भीतर रखे रसोई गैस सिलेंडर फटने से आग विकराल हो गई और देखते ही देखते आग इससे सटी छह अन्य दुकानों में भी फैल गई। यह दुकानें टीन और लकड़ी से बनी होने से आग तेजी से फैली। हादसा स्थल से आग की लपटें और धुएं के गुबार उठने से नगर में अफरा तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस बीच स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों ने आसपास के घर और दुकानों से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बड़कोट, नौगांव और पुरोला के दमकल वाहनों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान नगर के बीच से गुजर रहे हाईवे पर भारी भीड़ जमा होने से दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। साथ ही नगर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बंद कर दी गई। अग्निकांड में स्वाह हुई दुकानों में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
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प्रभारी थानाध्यक्ष उत्तम रमोला एवं रजनीश सैनी ने बताया कि अग्निकांड का पता चलते ही बड़कोट के साथ ही नौगांव व पुरोला से भी पुलिस फोर्स और फायर सर्विस के वाहन एवं जवानों को मौके पर बुला लिया गया था। कच्ची दुकानों के भीतर ज्वलनशील वस्तुएं होने के कारण आग अनियंत्रित हुई। हालांकि सभी लोगों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया गया। अगर आग फैलती तो भारी तबाही की आशंका थी। क्षेत्रीय उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह असवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम इस अग्निकांड में हुई क्षति का आंकलन कर रही है।
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अग्निकांड में इन लोगों का हुआ नुकसान
बड़कोट। अग्निकांड में जयदेव रावत का मेडिकल स्टोर, शरीफ अहमद की रजाई गद्दे की दुकान, केदार सिंह की कास्मेटिक की दुकान, चंद्रमोहन की चाय की दुकान, गौतम पंवार का मोबाइल फोन सेंटर और लीला सिंह की जनरल स्टोर की दुकान मय सामान के स्वाह हो गई। जबकि निकटवर्ती मदन सिंह पंवार, राजराम जगूड़ी, संजय पंवार, गंभीर सिंह, हयात सिंह रावत, विजय पंवार, बिष्ट पैथोलॉजी और नरेश जैन बंधु की दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। अग्निकांड में लोनिवि कार्यालय और 108 आपात एंबुलेंस सेवा के दफ्तर को भी नुकसान पहुंचा। ब्यूरो
अफरा तफरी के बीच कर दी स्कूलों की छुट्टी
बड़कोट। अग्निकांड के दौरान जब नगर में अफरा तफरी मची थी, तभी नगर में संचालित विभिन्न स्कूलों की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी घटनास्थल के पास तक पहुंच गए, जिससे यहां भीड़ बढ़ने से भगदड़ की आशंका पैदा हो गई। हालांकि पुलिस ने शीघ्र भीड़ को नियंत्रित कर हादसा स्थल से दूर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में भीषण अग्निकांड से मची अफरा तफरी के बीच स्कूलों की छुट्टी करना गलत था। स्कूल प्रबंधन को बच्चों को कुछ और देर स्कूलों में रोकना चाहिए था। ब्यूरो
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बड़कोट में सोमवार दोपहर करीब सवा बारह बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और लोनिवि कार्यालय को जाने वाले रास्ते के किनारे शरीफ अहमद की रजाई गद्दे की दुकान में रूई धुनने वाली मशीन में अचानक आग लग गई। दुकानदार जब तक कुछ समझ पाता, आग ने भयावह रूप ले लिया। इस बीच पड़ोस की दुकानों से लोग अपना सामान निकाल ही रहे थे कि रजाई गद्दे की दुकान के भीतर रखे रसोई गैस सिलेंडर फटने से आग विकराल हो गई और देखते ही देखते आग इससे सटी छह अन्य दुकानों में भी फैल गई। यह दुकानें टीन और लकड़ी से बनी होने से आग तेजी से फैली। हादसा स्थल से आग की लपटें और धुएं के गुबार उठने से नगर में अफरा तफरी मच गई।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस बीच स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों ने आसपास के घर और दुकानों से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बड़कोट, नौगांव और पुरोला के दमकल वाहनों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान नगर के बीच से गुजर रहे हाईवे पर भारी भीड़ जमा होने से दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। साथ ही नगर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बंद कर दी गई। अग्निकांड में स्वाह हुई दुकानों में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
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प्रभारी थानाध्यक्ष उत्तम रमोला एवं रजनीश सैनी ने बताया कि अग्निकांड का पता चलते ही बड़कोट के साथ ही नौगांव व पुरोला से भी पुलिस फोर्स और फायर सर्विस के वाहन एवं जवानों को मौके पर बुला लिया गया था। कच्ची दुकानों के भीतर ज्वलनशील वस्तुएं होने के कारण आग अनियंत्रित हुई। हालांकि सभी लोगों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया गया। अगर आग फैलती तो भारी तबाही की आशंका थी। क्षेत्रीय उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह असवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम इस अग्निकांड में हुई क्षति का आंकलन कर रही है।
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अग्निकांड में इन लोगों का हुआ नुकसान
बड़कोट। अग्निकांड में जयदेव रावत का मेडिकल स्टोर, शरीफ अहमद की रजाई गद्दे की दुकान, केदार सिंह की कास्मेटिक की दुकान, चंद्रमोहन की चाय की दुकान, गौतम पंवार का मोबाइल फोन सेंटर और लीला सिंह की जनरल स्टोर की दुकान मय सामान के स्वाह हो गई। जबकि निकटवर्ती मदन सिंह पंवार, राजराम जगूड़ी, संजय पंवार, गंभीर सिंह, हयात सिंह रावत, विजय पंवार, बिष्ट पैथोलॉजी और नरेश जैन बंधु की दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। अग्निकांड में लोनिवि कार्यालय और 108 आपात एंबुलेंस सेवा के दफ्तर को भी नुकसान पहुंचा। ब्यूरो
अफरा तफरी के बीच कर दी स्कूलों की छुट्टी
बड़कोट। अग्निकांड के दौरान जब नगर में अफरा तफरी मची थी, तभी नगर में संचालित विभिन्न स्कूलों की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी घटनास्थल के पास तक पहुंच गए, जिससे यहां भीड़ बढ़ने से भगदड़ की आशंका पैदा हो गई। हालांकि पुलिस ने शीघ्र भीड़ को नियंत्रित कर हादसा स्थल से दूर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में भीषण अग्निकांड से मची अफरा तफरी के बीच स्कूलों की छुट्टी करना गलत था। स्कूल प्रबंधन को बच्चों को कुछ और देर स्कूलों में रोकना चाहिए था। ब्यूरो